निलेश जैन को राष्ट्रीय गुरु आस्था परिवार में प्रांतीय उपाध्यक्ष बनाया

निलेश जैन को राष्ट्रीय गुरु आस्था परिवार में प्रांतीय उपाध्यक्ष बनाया पिड़ावा। राष्ट्रीय गुरु आस्था परिवार, राजस्थान द्वारा पिड़ावा निवासी निलेश जैन को प्रांतीय उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन तपोभूमि प्रणेता परम पूज्य आचार्य प्रज्ञासागर जी मुनिराज के आशीर्वाद एवं अनुकम्पा से किया गया।     संस्था के पदाधिकारियों ने बताया […]

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पं. गोपालदास वरैया की 160वीं जन्म जयंती मनाई गई ।

पं. गोपालदास वरैया की 160वीं जन्म जयंती मनाई गई । मुरैना जैन दर्शन के प्रकांड विद्वान पंडित गोपालदास बरैया की 160वीं जन्म जयंती महोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया । जैन संस्कृत विद्यालय के संयुक्त मंत्री सुरेशचंद जैन बाबूजी इंदौर द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार गुरुनाम गुरु पंडित गोपालदास जी वरैया ने आज से लगभग 125 […]

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शरीर से सीखो समता का पाठ आर्यिका 105 विज्ञानमति माताजी प्रसंग आर्यिका 105 आदित्यमति माताजी द्वारा आलेखित

शरीर से सीखो समता का पाठ आर्यिका 105 विज्ञानमति माताजी प्रसंग आर्यिका 105 आदित्यमति माताजी द्वारा आलेखित प्रसंग आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के दर्शनार्थ बीनाबारह अतिशय क्षेत्र पहुंचे थे प्रसंग उस समय का है आचार्य भक्ति के उपरांत जब पूज्य आर्यिकाश्री संसघ अपनी वसतिका में आई तभी उनके साथ कुछ त्यागी व्रती आशय ब्रह्मचारिणी बहने […]

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सबसे बड़ी जीत..मन, इन्द्रिय और स्वयं के विकारों की है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज 

सबसे बड़ी जीत..मन, इन्द्रिय और स्वयं के विकारों की है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज       खमेरा राजस्थान अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने खमेरा लाल मंदिर में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि। दूसरों को समझाना सरल है परन्तु स्वयं को समझना, स्वयं को समझाना, […]

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स्मृति का झरोखा बच्चों को नौकरी पर भेजने वालों को बुढ़ापे में पछताना पड़ता है: सुधासागर महाराज

स्मृति का झरोखा बच्चों को नौकरी पर भेजने वालों को बुढ़ापे में पछताना पड़ता है: सुधासागर महाराज  पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 सुधासागर महाराज वर्ष 2017इंद्रगढ़ प्रवास के दौरान मंगल उद्बोधन बच्चों को नौकरी पर भेजने वालों को बुढ़ापे में पछताना पड़ता है: सुधासागर महाराजजिज्ञासा समाधान शिविर में महाराज ने सफल जिंदगी से जुड़े कई तथ्य […]

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ग्राम पांझ में संत निवास का भूमिपूजन कर निर्यापक मुनि संभवसागर महाराज ससंघ ने किया मंगल विहार, अश्रुपूरित नेत्रों से हुई मुनिसंघ की विदाई

ग्राम पांझ में संत निवास का भूमिपूजन कर निर्यापक मुनि संभवसागर महाराज ससंघ ने किया मंगल विहार, अश्रुपूरित नेत्रों से हुई मुनिसंघ की विदाई विदिशा। संत शिरोमणि आचार्य श्री 108विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य एवं आचार्य श्री 108समयसागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण मुनि श्री108 संभवसागर महाराज, मुनि श्री निस्सीमसागर महाराज एवं […]

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अर्हम गुरु प्रणम्य सागर महाराज सानिध्य में होने जा रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव कार्यक्रम की पत्रिका का विमोचन भव्यता के साथ संपन्न 

अर्हम गुरु प्रणम्य सागर महाराज सानिध्य में होने जा रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव कार्यक्रम की पत्रिका का विमोचन भव्यता के साथ संपन्न सिंगोली अर्हम गुरु मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर महाराज सानिध्य में दिनांक 2 अप्रैल से 7 अप्रैल के मध्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न होने जा रहा है।   इसी कड़ी में पंचकल्याणक महा […]

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भारतीय संस्कृति अनुसार चैत्र शुक्ला एकम गुड़ी पड़वा से नूतन वर्ष प्रारंभ होता हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

भारतीय संस्कृति अनुसार चैत्र शुक्ला एकम गुड़ी पड़वा से नूतन वर्ष प्रारंभ होता हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी जयपुर सभी संसारी प्राणी न्यू ईयर मनाने के लिए देर रात्रि को वर्ष के अंतिम दिवस होटल में, पिकनिक स्पॉट ,हिल स्टेशन, महानगर जाते हैं किंतु साधु संत वर्ष के अंत के दिवस तीर्थ यात्रा पर,अतिशय क्षेत्र […]

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सबसे बड़ी जीत..मन, इन्द्रिय और स्वयं के विकारों की है..!अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

सबसे बड़ी जीत..मन, इन्द्रिय और स्वयं के विकारों की है..!अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज नरवाली अंतर्मना आचार्य श्री108 प्रसन्न सागरजी महाराज ने जैन मंदिर में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि। दूसरों को समझाना सरल है परन्तु स्वयं को समझना, स्वयं को समझाना, और समझदारी का जीवन जीना […]

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यशस्कीर्ति भी क्षणभंगुर है आर्यिका105 विज्ञानमति माताजी प्रसंग आर्यिका 105 आदित्यमति माताजी द्वारा आलेखित

यशस्कीर्ति भी क्षणभंगुर है आर्यिका105 विज्ञानमति माताजी प्रसंग आर्यिका 105 आदित्यमति माताजी द्वारा आलेखित प्रसंग ज्येष्ठ माह के तप्तायमान समय का है। सिद्धान्त तीर्थक्षेत्र शिकोहपुर में पूज्य आर्यिका श्री ने उपवास पारणा करने का मन बनाया, मन ही नहीं बनाया वरन् उपवास पारणा के किया। उस समय उनकी वैय्यावृत्ति के भाव से सायंकालीन कक्षा मैंने […]

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