स्वयं को बदलने वाला ही दुनिया बदल सकता है: मुनिश्री योगसागर महाराज | बूंदी के गोठड़ा में प्रेरणादायक प्रवचन
बूंदी के गोठड़ा में मुनिश्री योगसागर महाराज का प्रेरणादायक प्रवचन
बूंदी (गोठड़ा)।
आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के परम शिष्य एवं निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 योगसागर महाराज ने कस्बे के श्री पारसनाथ मांगलिक भवन परिसर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि जीवन में वास्तविक सुख, शांति और सफलता चाहिए तो परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। स्वयं को बदलने वाला ही दुनिया बदलने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं नहीं बदल सकता, वह संसार में परिवर्तन की अपेक्षा भी नहीं कर सकता। जीवन की परिस्थितियों से संघर्ष करने की बजाय अपने दृष्टिकोण, विचार और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना अधिक आवश्यक है।
जीवन के तूफानों से बचने के लिए स्वयं को मजबूत बनाएं
मुनिश्री योगसागर महाराज ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे समुद्र में तूफान आने पर लहरों को नहीं, बल्कि नाव को मजबूत किया जाता है, उसी प्रकार जीवन की कठिन परिस्थितियों से बचने के लिए अपने मन, विचार और व्यवहार को मजबूत बनाना चाहिए।उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने मन पर विजय प्राप्त कर लेता है, वही जीवन में हर परिस्थिति का सामना सहजता से कर सकता है।
कटु वाणी बनती है अधिकांश विवादों का कारण
धर्मसभा में मुनिश्री ने कहा कि अधिकांश पारिवारिक और सामाजिक विवादों की जड़ हमारी वाणी होती है। कटु शब्द और असंयमित भाषा कई रिश्तों में दूरी पैदा कर देते हैं। यदि व्यक्ति अपनी वाणी पर संयम रखे तो जीवन के अधिकांश विवाद स्वतः समाप्त हो सकते हैं।उन्होंने कहा कि यदि सामने वाला आपकी बात स्वीकार नहीं करता तो पहले स्वयं को बदलने का प्रयास करें। जिसने अपने मन को जीत लिया, उसने पूरी दुनिया जीत ली।
चातुर्मास कहां होगा, यह भविष्य के गर्भ में
मुनिश्री योगसागर महाराज ने गत वर्ष मध्यप्रदेश में चातुर्मास पूर्ण करने के बाद राजस्थान में मंगल प्रवेश किया। कोटा, बूंदी सहित विभिन्न शहरों में विहार करते हुए शुक्रवार को संघ बूंदी जिले के गोठड़ा पहुंचा। सायंकाल मुनि संघ का टोंक जिले के आवा स्थित सुदर्शनोदय अतिशय क्षेत्र के लिए मंगल विहार हुआ। आगामी चातुर्मास कहां होगा, इसे लेकर फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गई है।
मंगल प्रवेश पर हुआ भव्य स्वागत
मुनिश्री योगसागर महाराज के गोठड़ा आगमन पर जैन समाज के महिला-पुरुष गांव के बाहर हाईवे पर पहुंचे, जहां उन्होंने मुनि संघ की अगवानी कर आरती उतारी और पाद प्रक्षालन किया। इसके बाद शोभायात्रा के रूप में मुनि संघ को श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर ले जाया गया, जहां श्रीजी के दर्शन किए गए।
प्रवचन के उपरांत मुनि संघ की आहारचर्या संपन्न हुई। सायंकाल मुनि संघ का टोंक जिले के आवा स्थित जैन अतिशय क्षेत्र सुदर्शनोदय के लिए मंगल विहार हुआ। गांव के अनेक श्रद्धालु महिला-पुरुष मुनि संघ के साथ पैदल विहार करते हुए निकटवर्ती सीतापुरा गांव तक पहुंचे।




संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312
