वागड़ में ऐतिहासिक क्षण: 21 फीट ऊंची भगवान मुनिसुव्रतनाथ की भव्य प्रतिमा का 10 जुलाई को मंगल प्रवेश, ड्रोन से होगी रत्न-पुष्पवर्षा
नौगामा (बांसवाड़ा)।
वागड़ और मेवाड़ क्षेत्र के जैन समाज के लिए 10 से 12 जुलाई 2026 तक धार्मिक आस्था का ऐतिहासिक महोत्सव आयोजित होगा। निर्माणाधीन सुखोदय तीर्थ नसियाजी, नौगामा में विराजित होने वाली भगवान मुनिसुव्रतनाथ की वेदी एवं कमलासन सहित 21 फीट ऊंची श्यामवर्ण प्रतिमा का 10 जुलाई को वागड़ में भव्य मंगल प्रवेश होगा। इस अवसर पर ड्रोन के माध्यम से रत्न एवं पुष्पवर्षा की जाएगी, वहीं जयपुर से आए हाथी द्वारा नगर प्रवेश पर प्रतिमा का विशेष स्वागत किया जाएगा।
यह आयोजन आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के आशीर्वाद, निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज के सानिध्य तथा प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया (सुयश, अशोकनगर) के मार्गदर्शन में संपन्न होगा।

वास्तुविद श्रीपाल जैन एवं समाज प्रवक्ता सुरेशचंद्र गांधी ने बताया कि जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा को वागड़ लाने से पूर्व बजरंगगढ़ तीर्थ (गुना) ले जाया जाएगा, जहां मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज के समक्ष प्रतिमा का अवलोकन एवं तिलक संस्कार होगा। इसके बाद प्रतिमा का मंगल विहार प्रारंभ किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस विशाल श्यामवर्ण प्रतिमा के निर्माण के लिए उपयुक्त शिला प्राप्त करना सबसे बड़ी चुनौती थी। आरके मार्बल परिवार के अशोक पाटनी, सुरेश पाटनी एवं विमल पाटनी के सहयोग से विशेष शिला उपलब्ध होने के बाद इस भव्य प्रतिमा का निर्माण संभव हो सका।


ऐसा रहेगा तीन दिवसीय कार्यक्रम
10 जुलाई को सुबह 7 बजे प्रतिमा का वागड़ में प्रवेश होगा। बांसवाड़ा में जैन समाज द्वारा भव्य अगवानी की जाएगी। इसके बाद शोभायात्रा कलेक्ट्रेट चौराहा पहुंचेगी, जहां जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक स्वागत करेंगे। यात्रा पुराना बस स्टैंड, कस्टम चौराहा, बाहुबली कॉलोनी मेन रोड और खांडू कॉलोनी होते हुए वीरोदय तीर्थ पहुंचेगी। रात्रि विश्राम वीरोदय तीर्थ पर होगा, जहां भक्ति संध्या एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


11 जुलाई को सुबह बड़ोदिया में स्वागत के बाद दोपहर 1 से 3 बजे तक कलिंजरा तथा शाम 3:30 बजे बागीदौरा में श्रद्धालु प्रतिमा की अगवानी करेंगे।

12 जुलाई को सुबह 6 बजे शोभायात्रा के साथ प्रतिमा सुखोदय तीर्थ नसियाजी, नौगामा पहुंचेगी। दोपहर 12 बजे निर्माणाधीन मंदिर में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा का विधि-विधान से स्थापना महोत्सव संपन्न होगा।
ड्रोन से होगी रत्न-पुष्पवर्षा, हाथी करेगा पहला श्रीफल अर्पित
स्थापना समारोह का सबसे आकर्षक दृश्य तब होगा, जब प्रतिमा पर ड्रोन के माध्यम से रत्न एवं पुष्पवर्षा की जाएगी। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि शनि ग्रह के अरिष्ट निवारक भगवान मुनिसुव्रतनाथ इस अवसर पर चारों दिशाओं में मंगलमय दृष्टि प्रदान कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण का संदेश देंगे।
समारोह का एक अन्य विशेष आकर्षण यह रहेगा कि प्रतिमा स्थापना के बाद पहला श्रीफल हाथी द्वारा भगवान के चरणों में अर्पित किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु क्रमवार श्रीफल अर्पित कर दर्शन एवं पूजा करेंगे।
25 टन वजनी भव्य प्रतिमा बनेगी आस्था का केंद्र
भगवान मुनिसुव्रतनाथ की कमलासन सहित यह प्रतिमा 21 फीट ऊंची, 12 फीट चौड़ी और लगभग 25 टन वजनी है। इसके लिए 11 टन वजनी विशाल कमलासन भी तैयार कराया गया है। आयोजन को लेकर पूरे नगर एवं मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया जाएगा तथा प्रतिमा के विहार मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालु स्वागत एवं वंदन करेंगे। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे वागड़ क्षेत्र के जैन समाज में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
जानकारी स्रोत: समाज प्रवक्ता सुरेशचंद्र गांधी
संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी
