षठखंडागम ग्रंथ का सबसे पहला प्रकाशन विदिशा के सेठजी ने किया था”- मुनि श्री संभवसागर
“षठखंडागम ग्रंथ का सबसे पहला प्रकाशन विदिशा के सेठजी ने किया था”- मुनि श्री संभवसागर विदिशाः निर्यापक श्रमण संभवसागर महाराज स संघ विदिशा नगर के श्री शांतिनाथ जिनालय में विराजमान है।जैन धर्म और उसके इतिहास पर चर्चा करते हुये मुनि श्री ने कहा कि भगवान महावीर के निर्वाण उपरांत 683 वर्ष निकल गये लेकिन किसी […]
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