क्रांतिकारी राष्ट्र संत आचार्य श्री गुप्तिनंदी ससंघ का पुणे से धर्मतीर्थ क्षेत्र की और मंगल विहार
पुणे
पुणे के28दिगंबर जैन मंदिरों के संयोजन में सकल जैन समाज पुणे ने कराया क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ससंघ का पुणे से धर्मतीर्थ क्षेत्र की ओर मंगलविहार कराया।
पुणे से अहिल्यानगर सहित सकल जैन समाज के सभी गाँवों, शहरों में है HND विजय की धूम सभी जगह क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ससंघ का हो रहा है भव्य स्वागत अभिनंदन
अहिल्यानगर में सकल जैन समाज ने क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव के करकमलों से कराया क्रांतिकारी राष्ट्रसंत तरुण सागर उद्यान व चौक का उद्घाटन इस शुभ अवसर सकल जैन समाज के सभी सम्प्रदाय के आचार्य, उपाध्याय, मुनि श्री संघ उपस्थित थे
अहिल्यानगर में क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ससंघ का सकल जैन समाज की ओर से की भव्य आगवानी जिसमें प्रमुख रूप से श्वेतांबर जैन मूर्ति पूजक संघ के आचार्य श्री महाबोधि सूरीश्वर म.सा.,तेरापंथ समुदाय के प्रवर्तक आलोक ऋषि म.सा., स्थानक वासी संघ के प्रवर्तक अमोल ऋषि म.सा.ससंघ स्वागत के लिए सबसे आगे उपस्थित थे।
सकल जैन समाज के आह्वान पर राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ने HNDकी विजय गाथा सुनाई और कहा HND की विजय पंचमकाल में भगवान महावीर सहित चौबीस तीर्थंकर भगवान के सिद्धांतों की विजय है।ये सकल जैन समाज के साथ जन जन की एकता की विजय है
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अहिंसा परमो धर्म की विजय है
दिगंबर जैन आचार्य के संयम, दृढ़ निश्चय, वात्सल्य, शांति, धैर्य, निर्भीकता व सद्भावना की विजय हैसेठ वालचंदजी हीराचंदजी दोशी जैसे दिगंबर जैन महादानी के महादान की विजय है।आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी ने कहा कि सारे संत आचार्य, ऋषि मुनि यदि तख्त पर एक हो जाये तो सकल जैन समाज भी वक्त पर अवश्य ही एक होगा।
आचार्य श्री महाबोधि सूरीश्वर म.सा.ने आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी का गुणानुवाद करते हुए कहा कि हमें चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी, आचार्य सम्राट आनंद ऋषि जी म.सा. आचार्य श्री तुलसी के बाद फिर से एक नये क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मिले हैं जिन्होंने अपने प्राणों की चिंता नहीं करते हुए HND में ही दृढ़ता पूर्वक रहते हुए हर संघर्ष का निर्भीकता से सामना किया और कम से कम समय में असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है। सकल जैन समाज ऐसे क्रांतिकारी राष्ट्रसंत का सदैव ऋणी रहेगा।
आचार्य सम्राट आनंद ऋषि म.सा.के आज्ञानुवर्ती महाराष्ट्र प्रवर्तक श्री कुन्दन ऋषि म.सा. ने कहा कि आज समाज को आप जैसे क्रांतिकारी राष्ट्रसंत की विशेष आवश्यकता है जो HNDविजय के माध्यम से सकल जैन समाज के युवाओं को एक मंच पर एकत्रित कर सके।
तेरापंथ के आचार्य श्री महाश्रमण के आज्ञानुवर्ती मुनि श्री आलोक ऋषि म.सा.ने बताया कि क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी ने HNDको जैन समाज को वापस दिलाकर पूरे विश्व में जैन धर्म का गौरव बढ़ाया है।ऐसा महान कार्य आप जैसा कोई महापुरुष ही कर सकता है।
इस अवसर पर क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ने कहा कि सकल जैन समाज के अध्यक्ष श्री सुभाष जी मूथा और गणेश गोंडाल ने हमें लिखित रूप में आश्वासन दिया है अहिल्यानगर के माननीय विधायक श्री संग्राम जगताप के सहयोग से तीन महीने के अंदर अंदर में मंगुबाई व्होरा की दान की गई जमीन वापस समाज को रजिस्टर्ड सौंप दी जायेगी।
इसके साथ ही आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी ने अहिल्यानगर के विधायक श्री संग्राम जगताप से अहिल्यानगर के 200वर्ष पुराने दिगंबर जैन मंदिर की अतिक्रमित जमीन को वापस दिगंबर जैन समाज दिलाने का आह्वान किया।
आचार्य श्री ने सभी को सावधान करते हुए कहा कि जो भी धर्म के लिए दान की गई जमीन,दुकान, मूर्ति, सोना चांदी आदि बेचता है या खरीदता है या इन दोनों की अनुमोदना करता है या किसी भी प्रकार से सहयोग करता है वो कुन्दकुन्द आचार्य श्री के रयणसार ग्रंथ के अनुसार नरकादि दुर्गतियों का दुःख पाता है।
आगे यदि कभी मनुष्य भी बना तो महादरिद्र, निर्धन, अनाथ, लंगड़ा, लूला, गूंगा बहिरा, अंधा असहाय आदि होता हुआ अनेक प्रकार की दुर्गतियों का भागी होता है।इसलिये निर्माल्य सेवन का सभी त्याग करें।
रवीन्द्र बाकलीवाल ने बताया कि क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ने 8अक्टूबर2025से लेकर आज9दिसम्बर2025तक के अंदर कम समय में (1)विश्व वंद्य दिगंबर जैन मंदिर HND पुणे, (2)जीवप्रभा गर्ल्स हॉस्टल पुणे,(3-4)अहिल्यानगर के श्वेतांबर व दिगंबर जैन मंदिर की अलग अलग 2जमीन के प्रकरण(5)पंढरपुर के350वर्षों पुराने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर(6)इंदौर छावनी के125वर्ष पुराने श्री अनंतनाथ दिगंबर जैन मंदिर।(7)राजेन्द्र नगर दिल्ली स्थित आचार्य श्री सुशील कुमार मुनि श्री की प्रेरणा से निर्मित सकल जैन एकता मंदिर को बचाने के लिए जोरदार आवाज बुलंद करके सबकी रक्षा का आह्वान किया है और लगभग सभी कार्य में अतिशीघ्र सफलता प्राप्त की है और सकल समाज को चिंता मुक्त किया है।आचार्य श्री उपरोक्त सभी उपकार जैन समाज कभी नहीं भुला पायेगा।
दोपहर 3बजे आचार्य श्री गुप्तिनंदी ससंघ का भानसहिवरा व पैठण अतिशय क्षेत्र की ओर विहार हो गया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312











