अन्तर्मना उवाच 29 दिसंबरवात्सल्य रत्नाकर गुरूदेव के 31 वें समाधि महोत्सव पर अनन्त प्रणाम। अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
अन्तर्मना उवाच 29 दिसंबरवात्सल्य रत्नाकर गुरूदेव के 31 वें समाधि महोत्सव पर अनन्त प्रणाम। अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज औरंगाबाद/गाजियाबाद वात्सल्य रत्नाकर महा महिम गुरूदेव की निकटता का ये 1986 का प्रसंग है — उनके गुणों की कीर्ति के चर्चे, तो सुनते सुनते मेरा मन बहुत उत्कुंठित हो उठा। कब उस महान आत्मा के […]
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