रामगंजमडी के नवयुगल सिद्धार्थ पूजा बाबरिया ने राजा श्रेयांस व श्रीमति रानी बनकर कराया प्रथम आहार

धर्म

रामगंजमडी के नवयुगल सिद्धार्थ पूजा बाबरिया ने राजा श्रेयांस व श्रीमति रानी बनकर कराया प्रथम आहार
रामगंजमडी
आतिशय क्षेत्र चाँदखेड़ी में केवलज्ञान कल्याणक मनाया गया इसके अन्तर्गत केवलज्ञान की क्रिया मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज संघ सानिध्य में व प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप सुयश के मार्गदर्शन में हुई जिसमें चांदखेडी


मुनि वृषभसागर का प्रथम आहार राजा श्रेयांस के यहाँ सम्पन्न हुए राजा श्रेयांस व श्रीमति रानी बनने का सौभाग्य रामगंजमडी के नवयुगल सिद्धार्थ पूजा बाबरिया ने राजा श्रेयांस व चेलना रानी बनकर किया
इसका महत्व


  1. मुनि वृषभसागर मुनि बनने के 180 दिन तक ध्यान अवस्था मे लीन रहे। फिर आहार विधी नही मिली। क्योंकि उस समय कोई भी मे आहार विधी नही जानता था। मुनि बनने के कुल 13 महीने 9 दिन बाद अक्षय तृतीया तिथि के दिन मुनि जब हस्तिनापुर नगरी मे पहुँचे तो वहा के महाराजा श्रेयांस, श्रीमति रानी ने एवं राजा सोम को मुनिराज को देखकर पूर्व भव का ज्ञान हो जाता है। और वह नवधा भक्ति कर मुनि वृषभसागर महाराज का पडगाहन करते है। और मुनि श्री ईक्षु रस का प्रथम आहार ग्रहण कराते है। आहार की क्रिया हाल ही में हुए चक्रवती विवाह युगल रामगंजमंडी निवासी श्रीमान सिद्धार्थ पूजा बाबरिया ने राजा श्रेयांस व श्रीमती रानी के रूप में की।
    संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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