“उन्मुक्त योनाचार”(लिव एन्डरिलेशनशिप) को कानूनी मान्यता मिलने से शील सदाचार और संयम नष्ट हुआ है”प्रमाण सागर महाराज
इंदौर
उन्मुक्त योनाचार”(लिव एन्डरिलेशनशिप) को कानूनी मान्यता मिलने से शील सदाचार और संयम नष्ट हुआ है”उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने पर्युषण पर्वराज दशलक्षण धर्म वृत के अंतिम दिवस उत्तम बृह्मचर्य दिवस पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि “वर्तमान समय में युवक युवतियों की उच्च शिक्षा की बढ़ती चाह और विवाह की बढ़ती हुई उम्र इसके लिये जिम्मेदार है। सही समय पर विवाह संबंध न होंने से उनके कदम “उन्मुक्त योनाचार” की ओर बढ़ रहे है,
आजकल के युवक युवतियों में विवाह भले ही न हों लेकिन जो संबंध विवाह के पश्चात होंना चाहिये वह पहले से ही हो जाते है उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यह बात आपको चुभ रही हो लेकिन यह सत्य है क्योंकि जब युवक युवतियां भटक जाते है तो जो बात वह अपने माता पिता या सगे संबंधियों को नहीं बता पाते वह बात गुरु के पास आकर बता जाते है और उसी आधार पर में यह बात कह रहा हूँ आज की तारीख में 10 में से नौ की हालत बेहाल है उन्होंने कहा कि जब पिछले दिनों कार्यशाला संपन्न हुई तो उन्होंने अपने कन्फेशन में इस बात को स्वीकार किया कि मर्यादा टूट चुकी है।








उन्होंने कहा कि आजकल वातावरण ऐसा बना दिया गया है कि लोगों को संभालना मुश्किल हो गया है।शास्त्रों में लिखा है कि तरुण अवस्था में इन्द्रियों का निग्रह कर पाना कठिन होता है, एक साथ तीसरी चौथी क्लास से साथ में बैठना, साथ में पढ़ना, साथ में कोचिंग करने से एक दूसरे के प्रति आकर्षण बढ़ता है और फिर आज के समय में मोबाइल ने उन बच्चों को पूरी “तन्हाई” प्रदान कर दी जिसका परिणाम मर्यादाओं का हनन है।
उन्होंने कहा कि आध्यात्म की कोई खुराक तो मिलती नहीं आत्मबोध न होंने से उनके जीवन में भटकाव आ जाता है,और भटकाव से बचने का एक ही रास्ता है उनको आध्यात्मिक और नैतिकता की शिक्षा दी जाए वरना आए दिन जिस प्रकार की घटनाएं घट रही है सरे आम किडनैप और व्याभिचार की घटनाओं से मुक्ति नही पाई जा सकती।
मात्र फांसी पर चढ़ा दैने से व्याभिचार नहीं रूकेगा उन्होंने विनोबा जी की पक्तियों को दोहराते हुये कहा कि “कानून के बल पर हम वैश्यावृत्ति को बंद कर सकते है,लेकिन हर किसी में मां और बहन का रुप केवल धर्म ही दिखा सकता है” उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना का विकास होंना चाहिये। मुनि श्री ने कहा कि दूषप्रवृत्तियो पर नियंत्रण रखना जरुरी है अपनी लालसा को नियंत्रण करना जरूरी है उन्होंने कहा कि मनुष्य पर्याय बड़ी मुश्किलों से मिली है,यदि आप अपने जीवन को पवित्र और पावन रखना चाहते हो तो “भोगाशक्ती”को रोकना होगा उन्होंने कहा कि विवाह का उद्देश्य वासना का निमंत्रण नहीं वासना पर नियंत्रण है इसीलिये शास्त्रों में योन सदाचार का पालन करने के लिये कहा गया है जो लोग गृहस्थ अवस्था में रहते हुये “स्वदार संतोष वृत” का पालन करते है वह भी बृह्मचारी है मुनि श्री ने धर्मसभा में तथा पारस जिनवाणी चैनल के माध्यम से सुन रहे सभी बंधुओं को शपथ दिलाते हुये कहा कि आज आप सभी लोगों को दो शपथ लेना है कि “विवाह-पूर्व कोई संबंध नहीं बनाऊंगा और विवाह के पश्चात अपनी पत्नी को छोड़कर संसार की सभी स्त्रियों में मां बहन का रुप देखूंगा” उन्होंने अनचाही परिस्थितियों में युवतियों द्वारा जो गर्भपात कराया जाता है यह महापाप की श्रेणी में आता है इससे वह आने वाली संतान से वंचित हो जाती है। इससे बचना चाहिये।
उन्होंने कहा कि आजकल के बच्चे भी समय से पहले व्यस्क हो जाते है देखने में आ रहा है कि 12-13 साल के बच्चे वह सभी बातें जान जाते है जो उनको विवाह के पश्चात जानना चाहिये उन्होंने कहा कि तरुण अवस्था में इन्द्रियों का निग्रह करना बहुत कठिन होता है इसलिये इस अवस्था में उनको संभालना बहुत आवश्यक है खासकर के हमारी बेटीयो को जो कि इस उन्मुक्त वातावरण के प्रभाव में बहुत जल्द आ जाती है।
इस अवसर पर मुनि श्री निर्वेग सागर जी महाराज एवं मुनि श्री संधान सागर जी महाराज सहित समस्त क्षुल्लक महाराज मंचासीन रहे।धर्मप्रभावना समिति के प्रचार प्रमुख एवं प्रवक्ता अविनाश जैन तथा राहुल जैन ने बताया प्रातःकाल5 बजे “भावनायोग” तत्पश्चात भगवान का अभिषेक एवं शांतीधारा मुनि श्री के मुखारविंद से संपन्न हुई तत्पश्चात श्रावक संस्कार शिविर के निर्देशक बाल ब्र.अशोक भैया एवं बाल ब्र.अभय भैया के निर्देशन में नित्यनियम पूजन,पर्व पूजन एवं उत्तम ब्रहम्चर्य विधान संपन्न कराया गया एवं दौपहर में तत्वार्थसूत्र का बाचन एवं स्वाध्याय तथा तीन बजे से मुनि श्री के मुखारविंद से 55 मिनट की महाशांति धारा संपन्न हुई एवं सांयकाल मुनि श्री के मुखारविंद से शंकासमाधान किया गया।धर्मप्रभावना समिति के अध्यक्ष अशोक डोसी,महोत्सव अध्यक्ष नवीन गोधा,महामंत्री हर्ष जैन,आनंद गोधा सहित समस्त पदाधिकारियों ने सभी शिवरार्थियो एवं कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
