चांदखेडी पंचकल्याणक: *मुनि वृषभसागर का प्रथम आहार राजा श्रेयांस के यहाँ सम्पन्न, समवशरण मे विराजित होकर बने केवली भगवान* रविवार प्रात: ब्रह्म मुहूर्त मे होगा निर्वाण व मोक्षकल्याण

धर्म

चांदखेडी पंचकल्याणक:
*मुनि वृषभसागर का प्रथम आहार राजा श्रेयांस के यहाँ सम्पन्न, समवशरण मे विराजित होकर बने केवली भगवान*
रविवार प्रात: ब्रह्म मुहूर्त मे होगा निर्वाण व मोक्षकल्याण


चाँदखेड़ी
विश्व प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र चांदखेडी मे संतशिरोमणी आचार्य भगवान् विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि पुंगव 108श्री सुधासागर महाराज एवं प. पू. मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज सहित कुल 9 मुनिराजो के ससंघ सानिध्य मे श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मे शुक्रवार को तपकल्याण में मुनि वृषभसागर मुनि बनने के 180 दिन तक ध्यान अवस्था मे लीन रहे। फिर आहार विधी नही मिली। क्योंकि उस समय कोई भी मे आहार विधी नही जानता था। मुनि बनने के कुल 13 महीने 9 दिन बाद अक्षय तृतीया तिथि के दिन मुनि जब हस्तिनापुर नगरी मे पहुँचे तो वहा के महाराजा श्रेयांस, स
श्रीमति रानी ने एवं राजा सोम को मुनिराज को देखकर पूर्व भव का ज्ञान हो जाता है। और वह नवधा भक्ति कर मुनि वृषभसागर महाराज का पडगाहन करते है। और मुनि श्री ईक्षु रस का प्रथम आहार ग्रहण करते है। आहार की क्रिया हाल ही में हुए चक्रवती विवाह युगल रामगंजमंडी निवासी श्रीमान सिद्धार्थ पूजा बाबरिया ने राजा श्रेयांस व श्रीमति रानी के रूप में की।


कृष्ण सुदामा की मित्रता का मंचन
मध्यान बेला मे कृष्ण सुदामा की मित्रता की भव्य झांकी का मंचन किया गया। झाँकी के माध्यम से जनता को संदेश दिया कि भगवान के दर पर कभी भी खाली हाथ ना जाये। क्यो कि जिस प्रकार दो मुट्ठी चावल मे श्री कृष्ण ने दो लोक को वैभव सुदामा को सौप दिया। उसी प्रकार क्या पता दो मुट्ठी चावल से भगवान आपको कितना वैभव प्रदान कर दे।
वही केवलज्ञान की क्रिया में फिर मुनि वृषभसागर इसी प्रकार तपस्या कर कैलाश पर्वत पर स्थित अष्टापद पहुँचते है। और ध्यानस्थ हो जाते है। सौधर्म इन्द्र वही भगवान का समवशरण लगाता है। और प्रभु को केवल्यज्ञान हो जाता है। समवशरण मे भगवान की दिव्य देशना दिन मे चार बार खिरती है। मुनि श्री ने प्रवचन मे कहा कि आचार्य कुन्दकुन्द ने भगवान की दिव्य को समाहित किया था। और सभी प्रतिमाओ को सूर्य मंत्र प्रदान किया। आज भगवान के शेष चार अघातिया कर्मों का भी नाश कर रविवार को ब्रह्म मुहूर्त मे भगवान अपने शरीर का भी त्याग करके अष्टापद कैलाश पर्वत से भगवान को मोक्ष प्राप्त हो जायेगा। और पाषाण से भगवान बनने की अंतिम क्रिया पूर्ण हो जायेगी। और सभी जिनेन्द्र भगवान वेदी पर विराजमान होंगे।
पंचकल्याणक महामहोत्सव में शामिल हुए : राजेश बिरला
कल भगवान के ज्ञान कल्याणक कार्यक्रम में अखिल भारतीय माहेश्वरी समाज के उपसभापति राजेश जी बिरला सकल दिगम्बर जैन समाज कोटा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जीएमए अध्यक्ष राकेश जैन (मडिया) प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश जैन (मंगलम) सहित दिगम्बर जैन समाज कोटा के कई गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित हुए।


लोकसभा अध्यक्ष ने सन्देश भेजा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा लोकसभा के संचालन की वजह से उपस्थित ना होने पर संदेश भेजा कि मुनि श्री के पावन सानिध्य एवं प्रेरणा से देश के अनेको मंदिरो का कायाकल्प हुआ हे विशेष हाडोती पर मुनि श्री का विशेष आशीर्वाद रहा है। चाँदखेड़ी में बह रही धर्म की गंगा में सभी धर्मों के लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाकर अपने मानव जीवन का कल्याण कर रहे है। पंच कल्याणक महामहोत्सव से सभी का कल्याण होगा ऐसी मेरी भावना है।
कार्यक्रम मे हजारो की संख्या मे श्रृद्धालु उपस्थित थे।


*रविवार आयेगी पूर्व मुख्यमंत्री राजे*
पंचकल्याण मे रविवार को मोक्षकल्याण व पंचकल्याण के अंतिम दिन राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमति वसुंधरा राजे सिंधिया जी धर्मलाभ एवं मुनि श्री का मआशीर्वाद लेने चांदखेडी पधारेगी।
कार्यक्रम का लाईव प्रसारण पारस, जिनवाणी, सुधाकलश, आदिनाथ एवं सभी मुख्य चैनल पर चल रहा है। यह जानकारी क्षेत्र अध्यक्ष हुकम काका एवं भगवान स्वरूप जैन देवरी, कैलाश भाल, महावीर जैन कालू, प्रशांत जैन, योगेश जैन जीवदया ने दी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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