श्रेयांसनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक एवं कल्याण मंदिर महामंडल विधान भक्तिभाव से संपन्न; आचार्यश्री बोले— साधु और सैनिक दोनों समाज के रक्षक

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श्रेयांसनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक एवं कल्याण मंदिर महामंडल विधान भक्तिभाव से संपन्न; आचार्यश्री बोले— साधु और सैनिक दोनों समाज के रक्षक

छत्रपति संभाजीनगर।

श्री खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत, पार्श्वनाथ मंदिर के तत्वावधान में, श्री विनम्र चातुर्मास संयोजन समिति-2026 एवं सकल दिगंबर जैन समाज के सहयोग से रक्षाबंधन तथा श्री 1008 श्रेयांसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक का पावन पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी सभागार, हीरा काका प्रांगण में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसी अवसर पर चल रहे 44 दिवसीय श्री कल्याण मंदिर महामंडल विधान का 28वां दिन भी उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।

 

 

मंगल अभिषेक व शांतिधारा से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत श्रीजी के मंगल अभिषेक एवं शांतिधारा से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ श्री कल्याण मंदिर महामंडल विधान की आराधना की। विधान में सौधर्म इंद्र-इंद्राणी बनने का सौभाग्य मंगला देवी, डॉ. सुगनचंद, संजय कुमार एवं संदीप कासलीवाल परिवार को प्राप्त हुआ।

 

 

आचार्यश्री की पिंछी पर बांधी सोने-चांदी की राखी

रक्षाबंधन पर्व पर आचार्य संघ की पवित्र पिंछी पर रक्षासूत्र बांधने का विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। परम पूज्य आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज की पिंछी पर सोने की राखी बांधने का सौभाग्य श्रीमती सुनंदादेवी, राहुल, रितेश, दीप्ति, रुपाली, धनश्री, वंश एवं गुंजन पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ।

वहीं चांदी की राखी अर्पित करने का सौभाग्य विजयकुमार, रमेशचंद, चंद्रकुमार, महावीर कुमार पाटनी परिवार (अमनवाला), डॉ. प्रकाशचंद पापड़ीवाल, अशोक गंगवाल, अभिजीत कासलीवाल, रीनादेवी बाकलीवाल, एड. अनिल कासलीवाल, उर्मिला प्रमोद ठोलिया, विजयकुमार पांडे, कंचनबाई अशोक पाटनी, ताराचंद, संजय, प्रमोद पांडे, प्रदीपकुमार एवं जयकुमार साहूजी को प्राप्त हुआ।

 

 

श्रेयांसनाथ भगवान के चरणों में चढ़ाया निर्वाण लड्डू

श्री 1008 श्रेयांसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के पावन अवसर पर सुनंदा कैलाशचंद, दीप्ति देवी राहुल, रुपाली रितेश, धनश्री, वंश एवं गुंजन पाटनी परिवार (राजयोग मेडिको) की ओर से भगवान के चरणों में भक्तिभावपूर्वक मोक्ष कल्याणक का निर्वाण लड्डू अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के मोक्ष कल्याणक का स्मरण करते हुए धर्मलाभ लिया।

 

 

आचार्यश्री बोले— धर्म और संस्कृति की रक्षा का लें संकल्प

इस अवसर पर विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए परम पूज्य आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज ने रक्षाबंधन पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां अपने बेटे के माथे पर तिलक लगाकर उसकी सुख-समृद्धि की कामना करती है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म, संस्कृति और संस्कारों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। जीवन में कितने भी संकट आएं, धर्माचरण मनुष्य को उनसे विजय पाने की शक्ति प्रदान करता है।

 

 

 

आचार्यश्री ने कहा कि साधु और सैनिक दोनों ही समाज के रक्षक हैं। साधु समाज की संस्कृति, धर्म एवं संस्कारों की रक्षा करते हुए मनुष्य को अधोगति से बचाने का मार्ग दिखाते हैं, जबकि सैनिक देश की सीमाओं पर सजग रहकर देशवासियों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण जीवन का विश्वास प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि साधु-संतों की सेवा करना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना मनुष्य के जीवन का बड़ा सौभाग्य है। धर्म के प्रति श्रद्धा, संस्कारों के प्रति समर्पण और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य—इन तीनों का संतुलन ही जीवन को सार्थक बनाता है।

धर्ममय वातावरण में हुआ समापन

रक्षाबंधन, श्रेयांसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक और श्री कल्याण मंदिर महामंडल विधान के त्रिवेणी संगम से पूरा हीराकाका प्रांगण भक्तिमय हो उठा। अभिषेक, शांतिधारा, विधान, रक्षासूत्र समारोह, निर्वाण लड्डू अर्पण एवं आचार्यश्री के मंगल प्रवचन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का समापन मंगल भावना एवं भक्तिमय आरती के साथ हुआ। बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधु-भगिनियों, मातृशक्ति एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्मलाभ लिया।

 

 प्रचार प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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