नाशिक के ‘णमोकार तीर्थ’ में भक्ति का महाकुंभ: 6 फरवरी से शुरू होगा ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक महोत्सव

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नाशिक के ‘णमोकार तीर्थ’ में भक्ति का महाकुंभ: 6 फरवरी से शुरू होगा ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक महोत्सव

 

औरंगाबाद/णमोकार तीर्थ चांदवड

महाराष्ट्र के नाशिक जिले के चाँदवड तालुका स्थित मालसाने में आस्था, वास्तुकला और अध्यात्म का अनूठा संगम होने जा रहा है। मुंबई-आगरा राजमार्ग (NH-03) पर स्थित भव्य ‘णमोकार तीर्थ’ में आगामी 6 फरवरी से 13फरवरी 2026 तक ‘अंतर्राष्ट्रीय ऐतिहासिक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। 125 एकड़ में फैले ‘पंचकल्याणक नगर’ में आयोजित इस महाकुंभ में करीब 3000 जिनप्रतिमाओं की प्रतिष्ठा की जाएगी।

परम पूज्य आचार्य संघों का पावन सानिध्य

यह महोत्सव साधना सम्राट गणाधिपति गणधराचार्य श्री 108 कुंथुसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं राष्ट्रसंत सारस्वताचार्य श्री 108 देवनन्दिजी महाराज के कुशल निर्देशन में संपन्न होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर से 400 से अधिक साधु-साध्वियों का मंगल सानिध्य प्राप्त होगा, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित आचार्य श्री सम्मिलित हैं:

* आचार्य संघ: प.पू. आचार्य श्री पुष्पदंत सागरजी, पद्मनंदीजी, सिद्धांतसागरजी, कुमुदनंदीजी, विद्यानंदीजी, कर्मविजयनंदीजी, , सुविधीसागरजी,गुप्तीनंदीजी, सूर्यसागऱजी, गुणधरनंदीजी, विनम्र सागऱजी,

जयसागरजी, प्रणाामसागरजी, प्रसन्नऋषिजी, दयाऋषींजी, गुलाबभूषणजी, तीर्थनंदीजी, सुयशगुप्तजी एवं गुणभद्रनंदीजी श्रुतधरनंदीजी महाराज।

* विशेष मार्गदर्शन: युगल मुनिश्री अमोघकीर्ति जी एवं मुनिश्री अमरकीर्ति जी महाराज।

नौ दिवसीय महोत्सव का विस्तृत कार्यक्रम

* 6 फरवरी (प्रथम दिन): आचार्य निमंत्रण,रथयात्रा, मंडप उदघाट्न, ध्वजारोहण, पांडाल शुद्धि और चंद्रपूरी नगरीं रचना आदी धार्मिक विधिसे भव्य शुभारंभ।

* 7 फरवरी (द्वितीय दिन): गर्भकल्याणक नित्य पूजन प्रवचन, घटपूजा, 16स्वप्न,गर्भ कल्याणक संस्कार विधी,

* 8 फरवरी (तृतीय दिन): जन्म कल्याणक सौधर्म इंद्र आसन कंपायमान, इंद्र द्वारा जीन बालक दर्शन, पांडूक शिलापर अभीषेक,संस्कृतिक कार्यक्रम,

* 9 फरवरी (चतुर्थ दिन): जन्मकल्याणक ( उत्तर रूप) – नामकरण शृंगार, पालना,बाललीला कार्यक्रम

* 10 फरवरी (पंचम दिन):दिक्षा कल्याणक (उत्तर रूप) – राज दरबार, राज तिलक, भगवान का उपदेश, वैराग्य दिक्षा विधी संस्कार प्रवचन

* 11 फरवरी (छठा दिन): ज्ञान कल्याणक – आहार विधि,तप संस्कार, हवन पूजा समवशरण प्राण प्रतिष्ठा, ग्लोबल महासभा अधिवेशन,

* 12 फरवरी (सातवां दिन): ज्ञानकल्याणक – गणधराचार्य गुरुदेव का पूजन, समवशरण प्राण प्रतिष्ठा, दिव्यध्वनी,शंका समाधान

* 13 फरवरी (आठवां दिन): मोक्षकल्याणक – केवल ज्ञान कल्याणक,मोक्ष् कल्याणक पूजा,भगवान का मोक्षगमन,अंतिम संस्कार,विश्वशांती महायज्ञ,निर्वाण लाडू चढ़ाना एवं महोत्सव का भव्य समापन।

* विशेष: दोपहर मे 2बजे भगवान का प्रथम अभिषेक से महामस्तकाभिषेक कार्यक्रम प्रारंभ होगा l यह कार्यक्रम 25 फरवरी 2026 तक निरंतर चलेगा।

 

स्थापत्य का चमत्कार: णमोकार तीर्थ की भव्यता

2 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में निर्मित यह तीर्थ जैन विरासत का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण है:

* समवशरण मंदिर: 108 फुट की ऊंचाई वाला भव्य शिखर।

* विशाल प्रतिमाएं: भगवान चंद्रप्रभ की 27 फुट की प्रतिमा, 51 फुट की अरिहंत देव प्रतिमा और 31 फुट ऊंची अन्य परमेष्ठियों की प्रतिमाएं।

* अन्य आकर्षण: भगवान नेमिनाथ, पार्श्वनाथ, महावीर स्वामी, आदिनाथ, भरत और बाहुबली की 31 फुट ऊंची खड्गासन प्रतिमाएं, सहस्रकूट, चार स्तूप और नंदीश्वर जिनालय के 52 मंदिर।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं

लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति ने व्यापक इंतजाम किए हैं:

* आवास: 200 कमरों वाली आधुनिक धर्मशाला एवं संत निवास।

* भोजन: विशाल भोजनशाला एवं आहार कक्ष की व्यवस्था।

* पंडाल: 25,000 वर्ग फुट का भव्य ‘परमेष्ठी मंडप’।

आयोजन समिति का संदेश: “पाषाण को परमात्मा बनाने का यह अनुष्ठान न केवल जैन समाज बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा।” समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं को सपरिवार इस महा-आयोजन में पधारने हेतु सादर आमंत्रण पंच कल्याणक समितीचे राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष पेंढारी,राष्ट्रीय संयोजक नीलम अजमेरा, राष्ट्रीय महामंत्री कमल ठोलिया, राष्ट्रीय संयोजिका बालब्रह्मचारी वैशाली दिदी, स्वागत अध्यक्ष मुकेश रावका राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश शेठी, उपाध्यक्ष महावीर गंगवाल

ट्रस्टी बाबुभाई गांधी विजय लोहाडे पवन पाटणी भूषण कासलीवाल अनिल जमगे डॉ.अतुल जैन प्रचार प्रसार समिती अध्यक्ष पारस लोहाडे संतोष काला एवं आंतरराष्ट्रीय महा मस्त का अभिषेक महोत्सव समिती की ओर से किया गया है। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद

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