गुरुदेव सुनील सागर महाराज के दर्शन से मिली आस्था की नई रोशनी! कमंडल जल आंखों पर लगाया तो दिनेश जगवानी ने महसूस किया बदलाव
“अब गुरुदेव के दर्शन किए बिना दुकान जाने का मन नहीं करता” — दिनेश जगवानी ने सुनाया भावुक अनुभव
इंदौर।
नेमीनगर जैन कॉलोनी में परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज के चातुर्मास के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूतियों का वातावरण बना हुआ है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव के दर्शन एवं आशीर्वाद के लिए पहुंच रहे हैं। इसी बीच विनय नगर निवासी एवं सिंधी समाज के प्रतिष्ठित परिवार से जुड़े श्री दिनेश जगवानी ने गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा से जुड़ा एक भावुक अनुभव साझा किया, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
🌸 प्रतिदिन सुबह गुरुदेव के दर्शन, फिर दुकान की ओर कदम
दिनेश जगवानी पिछले 4–5 दिनों से प्रतिदिन सुबह करीब 8:30 बजे आचार्यश्री के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरुदेव के चातुर्मास प्रारंभ होने के बाद से उनके मन में प्रतिदिन गुरुदेव के दर्शन करने की विशेष भावना बनी हुई है।
भावुक होकर उन्होंने कहा—
“जब से गुरुदेव का चातुर्मास प्रारंभ हुआ है, तब से मैं रोज सुबह करीब 8:30 बजे उनके दर्शन करने आता हूं। मेरे साथ एक ऐसा अनुभव हुआ, जिसे मैं सभी के साथ साझा करना चाहता हूं।”
👁️ डायबिटीज के कारण कम हो गई थी एक आंख की रोशनी
दिनेश जगवानी ने बताया कि डायबिटीज के कारण उनकी एक आंख की रोशनी काफी प्रभावित हो गई थी। उन्हें देखने में परेशानी होती थी और उनकी आंख की रोशनी पहले की तुलना में काफी कम हो गई थी।
उन्होंने बताया कि एक दिन वे आचार्यश्री के पीछे खड़े होकर दर्शन कर रहे थे। उसी दौरान आचार्यश्री ने अपने कमंडल का जल एक श्रावक को दिया। दिनेश जी ने श्रद्धाभाव से उस जल को अपनी आंखों पर लगाया।
उनके अनुसार, इसके बाद उन्हें अपनी आंखों की रोशनी में काफी अंतर और सुधार महसूस हुआ। उन्होंने इसे अपने लिए अत्यंत भावुक और श्रद्धा से जुड़ा अनुभव बताया।
🙏 अनुभव के बाद और गहरी हुई गुरुदेव के प्रति श्रद्धा
दिनेश जगवानी ने बताया कि इस अनुभव के बाद उनके मन में आचार्यश्री के प्रति श्रद्धा और भी प्रगाढ़ हो गई। अब उनकी दिनचर्या में गुरुदेव के दर्शन एक विशेष स्थान बन गए हैं।
उन्होंने भावुक होकर कहा—
“अब मैं रोज गुरुदेव के दर्शन करने के बाद ही अपनी दुकान के लिए जाता हूं। गुरुदेव के दर्शन से मन को जो शांति और संतोष मिलता है, उसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।”
✨ श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना अनुभव
दिनेश जगवानी का यह अनुभव चातुर्मास स्थल पर श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वे अपने अनुभव को किसी दावे के रूप में नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत अनुभव और श्रद्धा की भावना के रूप में सभी के साथ साझा करना चाहते हैं।
उनका कहना है कि गुरुदेव के सान्निध्य में आने के बाद मन में सकारात्मकता, शांति और भक्ति की भावना और अधिक मजबूत हुई है।
आस्था का अपना संसार होता है—जहां अनुभव शब्दों से अधिक बोलते हैं। दिनेश जगवानी का यह संस्मरण भी उनके लिए गुरुदेव के प्रति श्रद्धा, विश्वास और समर्पण से जुड़ी ऐसी ही एक भावुक अनुभूति है।
माही जैन धीरावत, पीपलखूंट (प्रतापगढ़) से प्राप्त जानकारी
संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी
मो. 9929747312






