हमें अपने देश को ‘इंडिया’ नहीं, ‘भारत’ बनाना है : आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज स्मृति वर्ष 2018 : खजुराहो में गूंजा राष्ट्र और संस्कृति के प्रति जागरण का संदेश

आचार्य श्री विद्यासाग़र महाराज

हमें अपने देश को ‘इंडिया’ नहीं, ‘भारत’ बनाना है : आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज स्मृति वर्ष 2018 : खजुराहो में गूंजा राष्ट्र और संस्कृति के प्रति जागरण का संदेश

 

खजुराहो।

श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र खजुराहो में ससंघ विराजमान आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महाराज ने वर्ष 2018 में मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में सैकड़ों श्रावकों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भारत की गौरवशाली संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रीय अस्मिता पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए।

 

अपने दार्शनिक एवं आध्यात्मिक चिंतन से ओतप्रोत प्रवचन में आचार्यश्री ने कहा कि “हमें अपने देश को इंडिया नहीं, भारत बनाना है।” उन्होंने भारत नाम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत केवल भौगोलिक सीमा का नाम नहीं, बल्कि यह महान संस्कृति, संस्कार, अध्यात्म, ज्ञान और त्याग की भूमि है।

 

आचार्यश्री के विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अपनी संस्कृति और देश की मौलिक पहचान के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। उन्होंने भारतीय जीवन-पद्धति, परंपराओं और मूल्यों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके नागरिकों के संस्कार, चरित्र और संस्कृति में निहित होती है।

 

धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने आचार्यश्री के प्रवचन का लाभ लिया। उनके ओजस्वी एवं चिंतनप्रधान संबोधन ने उपस्थित जनसमुदाय को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के गौरव से जोड़ने का कार्य किया।

 

संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी

रिपोर्ट : 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *