स्वाध्याय साधना का सम्मान: अनिल कुमार जैन को मिली ‘सिद्धांत प्रभाकर’ की उपाधि
तीन वर्षीय श्रमण संस्कृति स्वाध्याय पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर हुआ सम्मान, महारानी फार्म दिगंबर जैन समाज ने किया अभिनंदन
जयपुर, 13 अगस्त 2026।
गायत्री नगर, महारानी फार्म निवासी अनिल कुमार जैन ‘बयान वालों’ को तीन वर्षीय द्वादशवर्षीय श्रमण संस्कृति स्वाध्याय पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर ‘सिद्धांत प्रभाकर’ की उपाधि से विभूषित किया गया। इस उपलब्धि पर दिगंबर जैन समाज महारानी फार्म में हर्ष का माहौल रहा।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि सांगानेर, जयपुर में आयोजित श्रमण संस्कृति स्वाध्याय पाठ्यक्रम के अंतर्गत तीन वर्षों तक अध्ययन पूर्ण करने के उपरांत संस्थान के अधिष्ठाता जयकुमार जैन, निदेशक डॉ. शीतल चंद जैन, समन्वयक ऋषभ जैन एवं रजिस्ट्रार प्रो. अरुण कुमार जैन द्वारा संयुक्त रूप से जारी प्रमाण-पत्र में अनिल कुमार जैन को ‘सिद्धांत प्रभाकर’ की उपाधि प्रदान किए जाने की घोषणा की गई। संस्थान ने उनके उज्ज्वल भविष्य एवं दीर्घायु की मंगलकामना भी की।
तिलक, माला और साफा पहनाकर किया अभिनंदन
उपाधि प्राप्त होने के अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश बोहरा सहित पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने अनिल कुमार जैन का मंदिर प्रबंध समिति एवं दिगंबर जैन समाज महारानी फार्म की ओर से तिलक, माला एवं साफा पहनाकर अभिनंदन किया। उपस्थित महिला-पुरुषों ने करतल ध्वनि के साथ उनकी उपलब्धि का अनुमोदन करते हुए बधाइयां दीं।
‘स्वाध्याय परम तप है’
इस अवसर पर सभा का संचालन करते हुए विधानाचार्य पं. अजित शास्त्री ने कहा कि यह सम्मान केवल एक उपाधि का सम्मान नहीं, बल्कि स्वाध्याय साधना का सम्मान है। उन्होंने कहा कि स्वाध्याय परम तप है और इसके माध्यम से व्यक्ति अपने ज्ञान, चिंतन एवं जीवन को निरंतर समृद्ध कर सकता है। उन्होंने सभी समाजजनों से प्रतिदिन कम से कम एक बार स्वाध्याय करने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि महारानी फार्म स्थित गायत्री नगर मंदिर जी में प्रतिदिन सायंकाल स्वाध्याय सभा का नियमित संचालन किया जाता है। समाजजनों ने अनिल कुमार जैन की इस उपलब्धि को स्वाध्याय परंपरा के लिए प्रेरणादायी बताते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
प्रेषक : उदयभान जैन, जयपुर
मो.: 94143-06696
