आचार्य श्री विद्यासागर महाराज नेभारत लाओ इंडिया हटाओ देश बचाओ यह नारा विदिशा में दिया था डॉ अविनाश जैन विदिशा की कलम से
स्मृति को ताजा करना चाहते हैं जब पूज्य गुरुदेव का वर्षायोग विदिशा में 2014 में संपन्न हुआ था तब पूज्य गुरुदेव ने भारत लाओ इंडिया हटाओ देश बचाओ यह नारा दिया था।
इसकी जानकारी डॉ अविनाश जैन विदिशा ने सभी के बीच सांझा की थी। जो आज पुण्य स्मृति में लाना चाहेंगे जो देश की उन्नति के लिए बहुत ही कार्यकारी है। आपको बता दें यह नारा कोई राजनीतिक नहीं यह नारा राष्ट्र संत पूज्य गुरुवर आचार्य श्री 108 विद्यासागरजी महाराज ने वर्ष 2014विदिशा के चातुर्मास से प्रारंभ किया!
उस समय विदिशा चातुर्मास में श्री मति सुषमा स्वराज,उमाभारती, एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान पूज्य गुरूदेव के समक्ष आए थे,एवं वायदा किया था। इसके दो वर्षो के बाद मध्यप़देश की राजधानी भोपाल में 2016का चातुर्मास हुआ था।तब प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय ने स्वं अगवानी की थी। आगे चलकर उन्होंने पूज्य गुरूदेव का प्रवचन मध्यप्रदेश की विधानसभा में करवाया था!

उस समय भारत सरकार में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत से आई थी और श्री नरेन्द़ मोदी प्रधानमंत्री बने थे। उसके बाद प्रधानमंत्री महोदय की विशेष यात्रा भोपाल की हुई एवं चातुर्मास अनुपम बेला में श्री मोदी पूज्य गुरूदेव के समक्ष आकर श्री मोदी ने मंगल आशीर्वाद लिया था।
गुरुदेव से आशीष लेकर सभी राजनैतिक नेताओं ने गुरूदेव को विश्वास दिलाया था कि वह भारत को भारत बनाने में अपना योगदान देंगे! एवं इन्डिया हटाओ मुहिम में सहभागी बनेंगे!
यह हो ना सका
लेकिन अफसोस हटाना तो दूर इन सालों में इन्डिया हटाओ के संदर्भ में केंद्र सरकार द्वारा एक प्रस्ताव भी पारित नहीं हो सका! आचार्य गुरूदेव ने हमेशा अपने प्रवचनों के माध्यम से संकेत दिये हें और आगाह किया है कि यदि भारत के मुकुट से इन्डिया शब्द हटा दिया जाएगा तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता! 2014 से हम 2024 की ओर अग्रसर है। और फिर वही चुनाव और चुनावी वायदे होंगे! वर्तमान सरकार आगे रहती हें या नहीं रहती हें, यह जरूरी नहीं? लेकिन वर्तमान सरकार के पास अभी पर्याप्त समय हैं, और वह चाहती हें कि भारत विश्वगुरू वने तो भारत के माथे पर इन्डिया शब्द का जो कलंक हें जो हमें अंग्रेजों की दासता को दर्शा रहा है, जो हमें असभ्य और अनपढ़ गंवार बता रहा हें, ऐसे शब्द को भारत के माथे से हटाना बहुत जरूरी हैं! अगर अभी न कर पाए तो आगे भी न कर पाएंगे! इसलिये है भारत मां के सपूतो जो कर्ज तुमने 2014 में भारत मां से लिया था उसे चुकाने का मौका आपके सामने हें! यदि अभी न चुका पाए तो फिर कभी चुका न पाओगे!——
संकलित जानकारी
अभिषेक जैन लुहाड़िया
रामगंजमंडी
