रामगंजमंडी में फिर खुला सामान्य वर्ग का रास्ता, लगातार दूसरी बार सामान्य के लिए आरक्षित हुआ पालिकाध्यक्ष पद
निकाय चुनाव की रणभेरी बजते ही तेज हुई राजनीतिक सरगर्मियां, दावेदारों की धड़कनें बढ़ीं—अब किसके सिर सजेगा पालिकाध्यक्ष का ताज?
रामगंजमंडी।
राजस्थान में वर्ष 2026 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को जयपुर में नगर निकायों के अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इसमें रामगंज मंडी नगर पालिका अध्यक्ष का पद लगातार दूसरी बार सामान्य वर्ग के लिए खुला है।
आरक्षण की घोषणा के साथ ही रामगंजमंडी की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। लंबे समय से अध्यक्ष पद को लेकर संभावनाएं तलाश रहे दावेदारों के लिए सामान्य वर्ग की सीट खुलना बड़ी राजनीतिक खबर मानी जा रही है। अब नगर की सियासत में नए समीकरण बनने और संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ने के आसार हैं।
75 साल के नगर निकाय इतिहास में कई बार बदला आरक्षण का समीकरण
रामगंजमंडी नगर पालिका का इतिहास करीब 75 वर्षों का है। नगर पालिका के अध्यक्ष पद का पहला गठन वर्ष 1951 में हुआ था। इन वर्षों में अध्यक्ष पद पर अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधियों को अवसर मिला है और समय-समय पर आरक्षण व्यवस्था के अनुसार राजनीतिक समीकरण भी बदलते रहे हैं।
रामगंजमंडी के नगर पालिका अध्यक्ष पद के आरक्षण इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 2000 पहली बार ऐसा अवसर था, जब अध्यक्ष पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ। इसके बाद वर्ष 2005 में सामान्य वर्ग, वर्ष 2010 में ओबीसी पुरुष तथा वर्ष 2015 में सामान्य महिला के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित रहा।
इसके बाद वर्ष 2020 में अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ,
अब वर्ष 2026 के निकाय चुनाव में एक बार फिर अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए खुलने से यह लगातार दूसरा अवसर है, जब रामगंज मंडी में सामान्य वर्ग का व्यक्ति अध्यक्ष पद की दौड़ में सीधे दावेदारी कर सकेगा।
लॉटरी खुलते ही शुरू हुआ दावेदारों का गणित
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही रामगंज मंडी में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन तेज होने की संभावना है। वहीं सामान्य वर्ग के अनेक दावेदार भी अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा सकते हैं।
नगर की राजनीति में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि
रामगंजमंडी नगर पालिका का अगला अध्यक्ष कौन होगा?
क्या कोई अनुभवी चेहरा बाजी मारेगा या इस बार किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा? इसका फैसला आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की रणनीति, पार्षदों के समीकरण और चुनाव परिणाम तय करेंगे।
फिलहाल इतना तय है कि आरक्षण की लॉटरी ने रामगंजमंडी की सियासत को नई दिशा दे दी है और अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
रामगंज मंडी पालिकाध्यक्ष पद का आरक्षण इतिहास
– 2000 — ओबीसी महिला
– 2005 — सामान्य वर्ग
– 2010 — ओबीसी पुरुष
– 2015 — सामान्य महिला
– 2020 — सामान्य वर्ग
– 2026 — सामान्य वर्ग
अब सबकी नजरें चुनाव पर टिकी हैं—कौन बनेगा रामगंजमंडी का अगला पालिकाध्यक्ष?
अभिषेक जैन लुहाड़िया
रामगंज मंडी की रिपोर्ट
मो. 9929747312




