रामगंजमंडी नगरपालिका का 75 साल का सफर: 16 अध्यक्षों से लेकर आगामी चुनाव की आहट तक

राजनीति

रामगंजमंडी नगरपालिका का 75 साल का सफर: 16 अध्यक्षों से लेकर आगामी चुनाव की आहट तक

 

1951 में चिरंजीलाल साबू से शुरू हुआध्यक्षों का सफर, तीन महिलाओं ने भी संभाली शहर की कमान; अब 2026 के संभावित चुनाव पर टिकी निगाहें

 

रामगंजमंडी। हाड़ौती अंचल के कोटा जिले में स्थित रामगंजमंडी केवल एक शहर नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट पहचान, व्यापार, कृषि, धनिया और कोटा स्टोन के लिए देश-दुनिया में जाना जाने वाला महत्वपूर्ण नगर है। रेलवे के क्षेत्र में भी इसकी अलग पहचान है और रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन को जंक्शन के रूप में जाना जाता है।

 

रामगंजमंडी की नगरपालिका का इतिहास भी शहर की तरह ही उतार-चढ़ाव, बदलाव और लोकतांत्रिक परंपराओं से भरा हुआ है। वर्ष 1951 में नगरपालिका अध्यक्ष पद की शुरुआत से लेकर अब तक 16 व्यक्तियों ने इस पद को संभाला है, जबकि अलग-अलग दौर में प्रशासकों ने भी नगरपालिका की कमान संभाली।

 

अब जब वर्ष 2026 में नगर निकाय चुनावों की तैयारियां तेज होने लगी हैं और सितंबर में चुनाव होने की संभावना की चर्चा है, ऐसे समय में रामगंजमंडी नगरपालिका के पिछले करीब 75 वर्षों के सफर पर नजर डालना बेहद दिलचस्प हो जाता है। राजस्थान में निकाय चुनावों को लेकर आरक्षण और चुनावी तैयारियों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

 

 

चिरंजीलाल साबू बने नगरपालिका के पहले अध्यक्ष

 

रामगंजमंडी नगरपालिका के इतिहास में 1 अक्टूबर 1951 का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन श्री चिरंजीलाल साबू ने नगरपालिका के प्रथम अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला।

 

वे 1 अक्टूबर 1951 से 11 जुलाई 1955 तक अध्यक्ष पद पर रहे। रामगंजमंडी का प्रमुख खेल मैदान, जिसे आज साबू क्रीड़ांगन के नाम से जाना जाता है, उनके कार्यकाल से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है।

 

इसके बाद 12 जुलाई 1955 को श्री सतपाल त्यागी दूसरे नगरपालिका अध्यक्ष बने। उन्होंने 14 नवंबर 1958 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली।

 

 

चिरंजीलाल साबू की दोबारा वापसी

 

15 नवंबर 1958 को रामगंजमंडी नगरपालिका के प्रथम अध्यक्ष चिरंजीलाल साबू ने एक बार फिर अध्यक्ष पद संभाला। वे 25 फरवरी 1960 तक इस पद पर रहे।

 

इसके बाद 26 फरवरी 1960 से 8 जुलाई 1961 तक श्री गोविंद लाल गुप्ता ने नगरपालिका अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

 

9 जुलाई 1961 को श्री जीवराज गर्ग ने अध्यक्ष पद संभाला और 1 मई 1962 तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया।

 

 

कांतिभाई पटेल ने संभाली नगरपालिका की कमान

 

लोकतंत्र में परिवर्तन स्वाभाविक है और रामगंजमंडी नगरपालिका भी समय-समय पर इस बदलाव की साक्षी बनी।

 

2 मई 1962 को श्री कांतिभाई पटेल ने नगरपालिका अध्यक्ष पद संभाला। वे 25 जनवरी 1964 तक इस पद पर रहे।

 

 

1964 में पहली बार प्रशासक के हाथों में आई कमान

 

रामगंजमंडी नगरपालिका के इतिहास में 25 जनवरी 1964 एक महत्वपूर्ण तारीख रही, जब पहली बार नगरपालिका अध्यक्ष पद की जगह प्रशासक ने नगरपालिका की कमान संभाली।

 

यह प्रशासकीय व्यवस्था 16 मई 1966 तक चली।

 

इसके बाद 17 मई 1966 को श्री मोहन सिंह एडवोकेट ने अध्यक्ष पद संभाला, लेकिन उनका कार्यकाल लगभग तीन महीने ही रहा और वे 11 अगस्त 1966 तक पद पर रहे।

 

 

शिवलाल संघवी के बाद फिर मोहन सिंह एडवोकेट

 

12 अगस्त 1966 को श्री शिवलाल संघवी ने नगरपालिका अध्यक्ष का पद संभाला और 24 जनवरी 1967 तक कार्य किया।

 

इसके बाद 25 जनवरी 1967 को श्री मोहन सिंह एडवोकेट को दूसरी बार अध्यक्ष बनने का अवसर मिला। वे 11 नवंबर 1970 तक इस पद पर रहे।

 

 

1970 में फिर प्रशासकीय दौर

 

12 नवंबर 1970 को एक बार फिर नगरपालिका की कमान प्रशासक के हाथों में चली गई। यह व्यवस्था 28 मई 1972 तक चली।

 

इसके बाद 29 मई 1972 को श्री कांतिभाई पटेल ने दूसरी बार नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी संभाली। हालांकि उनका यह कार्यकाल 11 जून 1972 तक ही रहा।

 

 

रूपचंद चतर और गोविंद लाल गुप्ता का दौर

 

12 जून 1972 को श्री रूपचंद चतर नगरपालिका अध्यक्ष बने। उन्होंने 10 दिसंबर 1973 तक इस पद पर कार्य किया।

 

इसके बाद 11 दिसंबर 1973 को श्री गोविंद लाल गुप्ता ने दोबारा अध्यक्ष पद संभाला और 3 अक्टूबर 1974 तक कार्य किया।

 

3 अक्टूबर 1974 को पुनः प्रशासक ने नगरपालिका की कमान संभाली और 7 मई 1976 तक यह व्यवस्था रही।

 

 

मोहन सिंह एडवोकेट की फिर वापसी

 

8 मई 1976 को श्री मोहन सिंह एडवोकेट ने एक बार फिर नगरपालिका अध्यक्ष पद संभाला। हालांकि उनका यह कार्यकाल 26 जुलाई 1976 तक ही रहा।

 

 

1976 में रामगंजमंडी को मिली पहली महिला अध्यक्ष

 

रामगंजमंडी नगरपालिका के इतिहास में 27 जुलाई 1976 का दिन ऐतिहासिक बन गया।

 

इसी दिन श्रीमती कस्तूरीबाई यादव ने नगरपालिका अध्यक्ष पद संभालकर रामगंजमंडी की पहली महिला नगरपालिका अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया।

 

वे 27 जुलाई 1976 से 2 अक्टूबर 1977 तक इस पद पर रहीं।

 

यह वह दौर था जब स्थानीय शासन में महिलाओं की भागीदारी आज की तुलना में काफी सीमित थी। ऐसे समय में रामगंजमंडी में महिला नेतृत्व का सामने आना शहर के राजनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटना रही।

 

 

गोविंद लाल गुप्ता की फिर वापसी

 

3 अक्टूबर 1977 को श्री गोविंद लाल गुप्ता ने फिर नगरपालिका अध्यक्ष पद संभाला। उन्होंने 19 फरवरी 1982 तक इस पद पर कार्य किया।

 

इसके बाद 20 फरवरी 1982 से 19 फरवरी 1985 तक फिर प्रशासकीय व्यवस्था रही।

 

 

1985 में फिर मोहन सिंह एडवोकेट

 

20 फरवरी 1985 को श्री मोहन सिंह एडवोकेट ने एक बार फिर नगरपालिका अध्यक्ष पद संभाला।

 

इस बार उन्होंने लंबा कार्यकाल पूरा किया और 23 अगस्त 1990 तक पद पर रहे।

 

 

1990 में फूलचंद डांगी बने अध्यक्ष

 

24 अगस्त 1990 को श्री फूलचंद डांगी ने नगरपालिका अध्यक्ष पद संभाला।

 

वे 29 अगस्त 1995 तक इस पद पर रहे।

 

इसके बाद 30 अगस्त 1995 को श्री हुकम बाफना ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली और 27 अगस्त 2000 तक कार्य किया।

 

 

वर्ष 2000 में दूसरी महिला अध्यक्ष बनीं संतोष गुर्जर

 

रामगंजमंडी नगरपालिका के इतिहास में वर्ष 2000 एक बार फिर महिला नेतृत्व का साक्षी बना।

 

28 अगस्त 2000 को श्रीमती संतोष गुर्जर ने नगरपालिका अध्यक्ष पद संभाला और वे रामगंजमंडी की दूसरी महिला अध्यक्ष बनीं।

 

वे 23 अक्टूबर 2002 तक इस पद पर रहीं।

 

इसके बाद 24 अक्टूबर 2002 को तत्कालीन पालिका उपाध्यक्ष श्री विजय गौतम ने अध्यक्ष पद संभाला। वे 18 जून 2004 तक इस पद पर रहे।

 

19 जून 2004 को श्रीमती संतोष गुर्जर ने एक बार फिर अध्यक्ष पद संभाला और 26 अगस्त 2005 तक कार्य किया।

 

इसके बाद 27 अगस्त 2005 को श्री विजय गौतम ने फिर अध्यक्ष पद संभाला और 26 अगस्त 2010 तक इस जिम्मेदारी पर रहे।

 

 

2010 में आया बड़ा लोकतांत्रिक बदलाव

 

रामगंजमंडी नगरपालिका के इतिहास में वर्ष 2010 को एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है।

 

इसी दौर में नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता के माध्यम से हुआ और श्री मनोज पटेल ‘मुकेश भाई’ अध्यक्ष निर्वाचित हुए।

 

उन्होंने 26 अगस्त 2010 को पदभार संभाला और 27 अगस्त 2015 तक कार्य किया।

 

 

हेमलता शर्मा बनीं तीसरी महिला अध्यक्ष

 

27 अगस्त 2015 को श्रीमती हेमलता शर्मा ने नगरपालिका अध्यक्ष पद संभाला।

 

वे रामगंजमंडी की तीसरी महिला नगरपालिका अध्यक्ष बनीं।

 

उनका कार्यकाल 20 अगस्त 2020 तक रहा।

 

इसके बाद 20 अगस्त 2020 को श्री सत्यनारायण राठौर ने प्रशासक के रूप में नगरपालिका की जिम्मेदारी संभाली और 6 जनवरी 2021 तक इस व्यवस्था के तहत कार्य किया।

 

 

2021 में देवीलाल सैनी ने संभाली कमान

 

6 जनवरी 2021 को श्री देवीलाल सैनी ने नगरपालिका अध्यक्ष पद संभाला।

 

वे 8 अप्रैल 2025 तक इस पद पर रइसके बाद 9 अप्रैल 2025 को श्री अखिलेश मेडतवाल ने रामगंजमंडी नगरपालिका अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। और वर्तमान में प्रशासक  पद

 

 

अब 2026 के चुनाव पर टिकी नजरें

 

करीब साढ़े सात दशक के नगरपालिका सफर में रामगंजमंडी ने कई अध्यक्ष देखे, कई बार प्रशासकीय दौर देखा, महिला नेतृत्व को आगे बढ़ते देखा और स्थानीय लोकतंत्र में महत्वपूर्ण बदलावों का अनुभव किया।

 

अब वर्ष 2026 में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर रामगंजमंडी में राजनीतिक हलचल बढ़ने की संभावना है। राजस्थान में नगर निकाय चुनावों की तैयारियों और आरक्षण प्रक्रिया को लेकर गतिविधियां तेज हैं।

 

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—

 

क्या रामगंजमंडी को मिलेगा नया नगरपालिका अध्यक्ष?

 

क्या शहर की जनता एक बार फिर किसी नए चेहरे पर भरोसा जताएगी?

 

क्या पुराने राजनीतिक चेहरों में से कोई वापसी करेगा?

 

क्या इस बार फिर महिला नेतृत्व को मौका मिलेगा?

 

या फिर रामगंजमंडी नगरपालिका की राजनीति में कोई ऐसा नया नाम सामने आएगा, जो आने वाले वर्षों में शहर की दिशा तय करेगा?

 

इन सवालों के जवाब आने वाले चुनाव में मिलेंगे।

 

1951 में चिरंजीलाल साबू से शुरू हुआ रामगंजमंडी नगरपालिका अध्यक्षों का सफर अब 2026 के संभावित चुनाव की दहलीज पर खड़ा है।

 

समय बदला, चेहरे बदले, राजनीतिक समीकरण बदले—लेकिन रामगंजमंडी की नगरपालिका का इतिहास आज भी शहर की लोकतांत्रिक यात्रा का आईना बना हुआ है।

 

रामगंजमंडी नगरपालिका अध्यक्षों का सफर एक नजर में

 

क्रम| नाम| कार्यकाल

1| चिरंजीलाल साबू| 1 अक्टूबर 1951 – 11 जुलाई 1955

2| सतपाल त्यागी| 12 जुलाई 1955 – 14 नवंबर 1958

3| चिरंजीलाल साबू| 15 नवंबर 1958 – 25 फरवरी 1960

4| गोविंद लाल गुप्ता| 26 फरवरी 1960 – 8 जुलाई 1961

5| जीवराज गर्ग| 9 जुलाई 1961 – 1 मई 1962

6| कांतिभाई पटेल| 2 मई 1962 – 25 जनवरी 1964

—| प्रशासक| 25 जनवरी 1964 – 16 मई 1966

7| मोहन सिंह एडवोकेट| 17 मई 1966 – 11 अगस्त 1966

8| शिवलाल संघवी| 12 अगस्त 1966 – 24 जनवरी 1967

9| मोहन सिंह एडवोकेट| 25 जनवरी 1967 – 11 नवंबर 1970

—| प्रशासक| 12 नवंबर 1970 – 28 मई 1972

10| कांतिभाई पटेल| 29 मई 1972 – 11 जून 1972

11| रूपचंद चतर| 12 जून 1972 – 10 दिसंबर 1973

12| गोविंद लाल गुप्ता| 11 दिसंबर 1973 – 3 अक्टूबर 1974

—| प्रशासक| 3 अक्टूबर 1974 – 7 मई 1976

13| मोहन सिंह एडवोकेट| 8 मई 1976 – 26 जुलाई 1976

14| कस्तूरीबाई यादव| 27 जुलाई 1976 – 2 अक्टूबर 1977

15| गोविंद लाल गुप्ता| 3 अक्टूबर 1977 – 19 फरवरी 1982

—| प्रशासक| 20 फरवरी 1982 – 19 फरवरी 1985

16| मोहन सिंह एडवोकेट| 20 फरवरी 1985 – 23 अगस्त 1990

17| फूलचंद डांगी| 24 अगस्त 1990 – 29 अगस्त 1995

18| हुकम बाफना| 30 अगस्त 1995 – 27 अगस्त 2000

19| संतोष गुर्जर| 28 अगस्त 2000 – 23 अक्टूबर 2002

20| विजय गौतम| 24 अक्टूबर 2002 – 18 जून 2004

21| संतोष गुर्जर| 19 जून 2004 – 26 अगस्त 2005

22| विजय गौतम| 27 अगस्त 2005 – 26 अगस्त 2010

23| मनोज पटेल ‘मुकेश भाई’| 26 अगस्त 2010 – 27 अगस्त 2015

24| हेमलता शर्मा| 27 अगस्त 2015 – 20 अगस्त 2020

—| प्रशासक सत्यनारायण राठौर| 20 अगस्त 2020 – 6 जनवरी 2021

25| देवीलाल सैनी| 6 जनवरी 2021 – 8 अप्रैल 2025

26| अखिलेश मेडतवाल| 9 अप्रैल 2025 –।   वर्तमान में प्रशासक इस पद पर कार्यरत है। 

              

 

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