एक घंटा आत्मचिंतन को दें, तो बाकी 23 घंटे सार्थक बनेंगे” : आचार्य पुलकसागर महाराज

धर्म

“एक घंटा आत्मचिंतन को दें, तो बाकी 23 घंटे सार्थक बनेंगे” : आचार्य पुलकसागर महाराज

 

चित्रकूटधाम में 15 से 30 अगस्त तक होगा ज्ञान गंगा महोत्सव, स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति से होगी शुरुआत

 

भीलवाड़ा। जीवन को सार्थक बनाने के लिए प्रतिदिन कुछ समय आत्मचिंतन, सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने में लगाना चाहिए। यदि व्यक्ति 24 घंटों में से केवल एक घंटा आत्मचिंतन और सीखने के लिए समर्पित कर दे, तो शेष 23 घंटे भी सार्थक बनाने की दिशा मिल सकती है। यह प्रेरक संदेश आचार्य श्री 108 पुलकसागर महाराज ने धर्म संदेश के दौरान दिया।

 

चित्रकूटधाम में 15 से 30 अगस्त तक प्रस्तावित ज्ञान गंगा महोत्सव की तैयारियां व्यापक स्तर पर चल रही हैं। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर, शास्त्रीनगर के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति से जुड़े विशेष ‘जश्ने आजादी’ कार्यक्रम के साथ होगा।

 

राष्ट्र सबसे बड़ा, इसलिए राष्ट्रभक्ति से होगी महोत्सव की शुरुआत

 

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दोपहर 2 बजे से राष्ट्रभक्ति पर केंद्रित संदेशों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। आयोजकों के अनुसार ज्ञान गंगा महोत्सव सर्व समाज के लिए खुला रहेगा। व्याख्यानमाला में किसी पंथ या संप्रदाय की दीवार नहीं होगी और सभी वर्गों को इसमें सहभागी बनने का अवसर मिलेगा।

 

धर्म संदेश में आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति से बड़ा समाज और समाज से भी बड़ा राष्ट्र है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए ज्ञान गंगा महोत्सव की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ की जा रही है।

 

“जीवित परमात्मा यानी मनुष्य में भी श्रेष्ठ मूल्यों की स्थापना जरूरी”

 

आचार्यश्री ने कहा कि जिस प्रकार प्राण-प्रतिष्ठा को महत्वपूर्ण माना जाता है, उसी प्रकार यह विचार करना भी आवश्यक है कि हमारे घर और समाज में मौजूद जीवित परमात्मा यानी मनुष्य के भीतर श्रेष्ठ संस्कारों और मूल्यों की स्थापना कैसे हो। मनुष्य के जीवन में अच्छे विचार, संस्कार और आत्मचिंतन ही उसे वास्तविक अर्थों में श्रेष्ठ बनाते हैं।

 

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल बाहरी उपलब्धियों की नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने और स्वयं को समझने की भी है। प्रतिदिन एक घंटा यदि व्यक्ति अपने जीवन, विचारों और कर्मों का आत्ममंथन करने में लगाए, तो उसके जीवन के बाकी घंटे भी अधिक उद्देश्यपूर्ण और सार्थक हो सकते हैं।

 

सुबह गुरु दर्शन, शाम को आनंद यात्रा और आरती

 

चित्रकूटधाम में प्रतिदिन सुबह 8:30 से 10 बजे तक गुरु दर्शन एवं धर्म संदेश का आयोजन किया जा रहा है। वहीं शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन हो रहा है। इसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं।

 

16 से 30 अगस्त तक प्रतिदिन होगी प्रवचनमाला

 

ज्ञान गंगा महोत्सव के प्रथम दिन 15 अगस्त को दोपहर 2 बजे विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 16 से 30 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8:30 से 10 बजे तक प्रवचन एवं धर्म संदेश होंगे।

 

महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। आयोजकों के अनुसार भीलवाड़ा के साथ-साथ राजस्थान और देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के चित्रकूटधाम पहुंचने की संभावना है। आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

 

संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी

 

मो.: 9929747312

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