पंचकल्याणक के बाद जिनशासन क्षेत्र में पहला चातुर्मास, आज सजेगा भव्य कलश स्थापना समारोह मुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज एवं मुनिश्री निस्पृह सागर महाराज के वर्षायोग का शुभारंभ; हाड़ौती अंचल से उमड़ेगा 500 से अधिक भक्तों का सैलाब

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पंचकल्याणक के बाद जिनशासन क्षेत्र में पहला चातुर्मास, आज सजेगा भव्य कलश स्थापना समारोह

मुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज एवं मुनिश्री निस्पृह सागर महाराज के वर्षायोग का शुभारंभ; हाड़ौती अंचल से उमड़ेगा 500 से अधिक भक्तों का सैलाब

अजमेर।

मदार स्थित जिनशासन क्षेत्र रविवार को धर्म, अध्यात्म और भक्ति के भव्य संगम का साक्षी बनेगा। श्री जिनशासन गौरव भूमि वर्षायोग समिति के संयोजन में पंचकल्याणक महोत्सव के बाद प्रथम चातुर्मास की कलश स्थापना का भव्य समारोह आज दोपहर 1:15 बजे से आयोजित किया जाएगा। आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के शिष्य एवं आचार्य श्री 108 समयसागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री 108 निष्पक्ष सागर महाराज एवं मुनिश्री 108 निस्पृह सागर महाराज का इस वर्ष जिनशासन क्षेत्र में वर्षायोग होने जा रहा है।

 

 

मुनिश्री संघ के मंगल प्रवेश के बाद से ही जैसवाल जैन समाज सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं समाजजन चातुर्मास की तैयारियों में जुटे हुए हैं। चातुर्मास स्थापना समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग का वातावरण बना हुआ है।

 

आठ प्रकार के कलशों से सजेगा चातुर्मास स्थापना समारोह

 

चातुर्मास स्थापना के अवसर पर कुल आठ प्रकार के कलश स्थापित किए जाएंगे। इनमें तीन विशेष कलशों के लिए पुण्यशाली भक्तों का चयन आयोजन स्थल पर किया जाएगा, जबकि पांच कलशों के लिए पुण्यशाली भक्तों का चयन पूर्व में किया जा चुका है।

 

समारोह में सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र के कलश विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके साथ ही आचार्य ज्ञानसागर कलश, आचार्य विद्यासागर कलश, आचार्य समयसागर कलश, गौरव भूमि कलश एवं जिनशासन कलश भी स्थापित किए जाएंगे।

 

हाड़ौती से 500 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

 

मुनिश्री संघ के प्रति हाड़ौती अंचल के श्रद्धालुओं में विशेष श्रद्धा है। वर्ष 2025 का मंगल चातुर्मास भवानीमंडी में संपन्न हुआ था, जिसे श्रद्धालु एक ऐतिहासिक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद करते हैं। इसके बाद संघ की प्रेरणा से भानपुरा में भी कई उल्लेखनीय धार्मिक कार्य संपन्न हुए।

 

इसी क्रम में रामगंजमंडी के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में चातुर्मास कलश स्थापना समारोह में शामिल होने के लिए अजमेर पहुंचे हैं। रामगंजमंडी को जहां धनिया की महक और कोटा स्टोन की चमक के लिए जाना जाता है, वहीं पिछले कुछ समय में धार्मिक क्षेत्र में भी नगर ने एक नया इतिहास रचा है।

 

रामगंजमंडी में 1008 श्री शांतिनाथ भगवान का भव्य जिनालय निर्माण

 

महाराज श्री संघ की प्रेरणा से रामगंजमंडी में 1008 श्री शांतिनाथ भगवान का दिव्य स्वरूप प्रकट हुआ है और भव्य जिनालय निर्माण का कार्य चल रहा है। इस धार्मिक कार्य से जुड़े रामगंजमंडी के सैकड़ों श्रद्धालु चातुर्मास कलश स्थापना समारोह में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करेंगे।

 

रामगंजमंडी के श्रद्धालु मुनिश्री संघ से वर्षायोग के उपरांत पुनः नगर में मंगल आगमन का निवेदन भी करेंगे। साथ ही बनने वाले भव्य जिनालय के पंचकल्याणक महोत्सव को भी मुनिश्री संघ के पावन सान्निध्य में संपन्न कराने की भावना व्यक्त करेंगे।

 

‘गुरुदेव की एक झलक मन में भर देती है नई ऊर्जा’

 

समारोह में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि मुनिश्री संघ के दर्शन मात्र से मन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है। संतों की एक झलक ही श्रद्धालुओं के भीतर आध्यात्मिक उत्साह भर देती है और नकारात्मक विचारों को दूर करने की प्रेरणा देती है।

 

चातुर्मास स्थापना समारोह को लेकर समिति अध्यक्ष सुनील ढिलवारी, महामंत्री कपिल दनगसिया सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जिनशासन क्षेत्र में आज होने वाला यह आयोजन पंचकल्याणक के बाद प्रथम चातुर्मास की शुरुआत के रूप में विशेष महत्व रखता है।

 

हाड़ौती अंचल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच जिनशासन क्षेत्र में आज धर्म और अध्यात्म का भव्य दरबार सजेगा।  : अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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