*बच्चों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करें शिक्षक : मुनिश्री* विनम्र सागर महाराज ने इंजीनियरिंग के बच्चों को पढ़ाया आगे बढऩे का पाठ
छतरपुर।
आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनिश्री विनम्र सागर महाराज पर्यटन नगरी खजुराहो में चार्तुमास कर छतरपुर के पंडित देवप्रभाकर शास्त्री इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचे जहां उन्होंने अपने प्रवचन में भावी इंजीनियरों का मार्ग प्रशस्त किया। इस मौके पर उन्होंने शिक्षकों को भी सीख दी कि बच्चों में निर्णय लेने की क्षमता का विकास करें।
शुक्रवार को अपरांह करीब 4 बजे शहर के पंडित देवप्रभाकर शास्त्री इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचे मुनिश्री विनम्र सागर महाराज, निस्वार्थ सागर महाराज, निर्मद सागर महाराज, श्रमण सागर महाराज, निसर्ग सागर महाराज की संस्थान के बच्चों के साथ व्हीएव्ही ग्रुप ऑफ कॉलेज के डायरेक्टर अशोक दीक्षित, महाराजपुर विधायक नीरज दीक्षित, पं. आनंद त्रिपाठी मैहर, राकेश दीक्षित, दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र खजुराहो के अध्यक्ष केसी जैन, इंजीनियरिंग कॉलेज की सचिव श्रीमती सरोज जैन, प्राचार्य डॉ. जे. सोनी सहित समस्त प्राध्यापकों ने जोरदार अगवानी की।
इस मौके पर ससंघ विराजमान मुनिश्री विनम्र सागर महाराज ने संस्थान के उत्तरोत्तर विकास की शुभकामनाएं देते हुए बच्चों और शिक्षकों को जीवन के मूल्यों का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक सिर्फ पैसे कमाने के लिए शिक्षक नहीं बन सकता। उसके अंदर कोई न कोई ऐसी दैवीय शक्ति होती है जो यही प्रेरणा देती है कि वे बच्चों का भविष्य उज्जवल करें। इसलिए शिक्षक अपने दायित्वों के साथ-साथ बच्चों में निर्णय लेने की क्षमता का विकास करें तभी बच्चों का भविष्य उज्जवल बनेगा और जीवन सार्थक होगा। इंजीनियरिंग कॉलेज में ससंघ विराजमान मुनिश्री रात्रि विश्राम कर शनिवार को सुबह डेरा पहाड़ी स्थित अतिशत क्षेत्र जैन मंदिर पहुंचेंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
