मानवता की मिसाल: युवा दल ने गिरवी मकान छुड़वाने के बाद अब नर्सिंग छात्रा की पढ़ाई के लिए दिए 66 हजार रुपए
रामगंजमंडी।
शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था युवा दल ने एक बार फिर समाज के सामने संवेदनशीलता और परोपकार की अनूठी मिसाल पेश की है। लगातार जरूरतमंदों की मदद में जुटी इस संस्था ने रावतभाटा निवासी एक जरूरतमंद परिवार का गिरवी रखा मकान छुड़वाने के बाद, अब उनकी होनहार बेटी की आगे की नर्सिंग पढ़ाई के लिए 66 हजार रुपए की आर्थिक सहायता सौंपी है। संस्था के इस प्रयास से अब बेटी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी। इससे पूर्व भी युवा दल ने जरूरतमंद परिवार बेघर होने से बचाया था।
शहर के युवा दल चौराहे पर सोमवार को छात्रा आकांक्षा की आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए 66 हजार रुपए की सहयोग राशि जुटाई गई, जिसे सीधे सेंट्रल बैंक रामगंजमंडी में चालान के माध्यम से जमा करवाया गया। इस 66 हजार रुपए की सहयोग राशि में युवा दल की ओर से 34 हजार रुपए, दो गुप्त दानदाता ने 20 हजार रुपए, अमित लूथरा ने अपनी माता प्रेमलता लूथरा की स्मृति में 5,100 रुपए, शालिनी पवार कोटा ने 2 हजार रुपए, अनुष्का बैरागी ने लंदन से 3 हजार रुपए और सोमेश गुप्ता एवं अमन गुप्ता ने 2,100 रुपए का सहयोग किया। साथ ही परिवार को रामगंजमंडी आवाजाही का किराया भी दिया गया। सहयोग राशि सौंपने के दौरान विनोद अग्रवाल, अमित लूथरा, सोमेश गुप्ता, योगेश गुप्ता (दलाल), राधेश्याम गुप्ता, बाबू पोरवाल, राधेश्याम पालीवाल, शब्बीर मोहम्मद, अमित उपाध्याय, राजकुमार गंगवाल, दिनेश जोशी और बिट्टू सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
– पिता किडनी खराब होने के कारण नहीं कर सकते कार्य
रावतभाटा के इकराम मोहल्ले के रहने वाले ओमप्रकाश की एक किडनी खराब हो जाने के कारण निकालनी पड़ी थी। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए उनकी पत्नी निर्मला लोगों के घरों में कामकाज कर रही हैं। इस कठिन परिस्थिति के बावजूद दंपती की बेटी आकांक्षा ने आगे बढ़कर नर्सिंग का प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया। जिसकी सालाना फीस 86 हजार रुपए थी। इतनी भारी राशि का इंतजाम न होने पर असहाय दंपती ने अपना मकान 3 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर मात्र 50 हजार रुपए में गिरवी रख दिया। साथ ही 16 हजार रुपए 2 प्रतिशत ब्याज पर उधार लेकर कुल 66 हजार रुपए फीस जमा करवाई और बेटी को पढ़ाई के लिए कोटा भेज दिया। लेकिन बकाया फीस 20 हजार और 16 हजार उधार पर ली गई राशि के ब्याज की चिंता ने परिवार को डरा दिया था। मामले की जानकारी जब रावतभाटा के समाजसेवी गोविंद गुप्ता को मिली, तो उन्होंने रामगंजमंडी युवा दल के सचिव व आदिनाथ जैन श्वेतांबर श्रीसंघ ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार पारख से संपर्क किया। पारख ने तत्परता दिखाते हुए 13 अगस्त 2025 को रावतभाटा पहुंचकर पीड़ित परिवार को 36 हजार रुपए (युवा दल से 26 हजार व स्थानीय सहयोग से 10 हजार) की प्राथमिक मदद दी, जिससे बकाया फीस और उधारी चुकाई गई।
– पूर्व गिरवी मकान को छुड़वाकर कि थी मदद
इसके बाद स्वतंत्रता दिवस पर रामगंजमंडी के एक भामाशाह ने मकान छुड़वाने के लिए 20 हजार रुपए और अगले दिन एक अन्य व्यक्ति ने 5 हजार रुपए का गुप्तदान दिया। एकत्रित 25 हजार और अन्य सहयोग मिलाकर 50 हजार रुपए की राशि के साथ राजकुमार पारख और गोविंद गुप्ता पीड़ित परिवार के पास पहुंचे। उन्होंने गिरवी रखने वाले व्यक्ति से मकान के कागजात व स्टाम्प मंगवाकर निर्मला बाई को सौंपे। संस्था और दानदाताओं के सहयोग से परिवार को पिछले वर्ष 86 हजार रुपए की राहत मिली थी। मानवता का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। गत वर्ष 18 अगस्त 2025 को कोचिंग फीस में मदद करने के बाद, जब 27 जुलाई 2026 को बेटी की मां निर्मला ने अगली किश्त व पढ़ाई के लिए दोबारा गुहार लगाई, तो युवा दल के सचिव राजकुमार पारख ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मां-बेटी को रामगंजमंडी बुलाया और 66 हजार की मदद सौंपी।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
