आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महाराज ससंघ का इंदौर में होगा प्रथम वर्षायोग, 26 जुलाई को नेमीनगर इंद्रपुरी होगा भव्य मंगल प्रवेश
इंदौर।
मुनिकुंजर ज्येष्ठाचार्य आदिसागर अंकलीकर परंपरा के चतुर्थ पट्टाधीश, राष्ट्रसंत आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महाराज ससंघ का इंदौर की इंद्रपुरी में प्रथम बार वर्षायोग (चातुर्मास) होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक अवसर को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह का वातावरण है।
आचार्य श्री का भव्यातिभव्य मंगल प्रवेश रविवार, 26 जुलाई 2026 को नेमीनगर जैन कॉलोनी, इंद्रपुरी (इंदौर) में होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजजन एवं धर्मप्रेमी गुरुचरणों की वंदना एवं मंगल अगवानी के लिए उपस्थित रहेंगे।

वर्षायोग के दौरान आचार्य श्री के सान्निध्य में धर्मसभा, प्रवचन, स्वाध्याय, तप, आराधना एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। आयोजकों ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से मंगल प्रवेश एवं वर्षायोग के पावन अवसर पर उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।

आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महाराज का यह प्रथम इंद्रपुरी वर्षायोग क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र धर्ममय वातावरण से अनुप्राणित होगा और दिनांक 24 जुलाई को नीति आयोग की सदस्या अर्चना जैन ने गुरुदेव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें ज्ञात हुआ कि आचार्य श्री का चातुर्मास इंदौर की पावन धरा पर हो रहा है, उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई और वे गुरुदेव के दर्शन हेतु उपस्थित हुईं।

अर्चना जैन ने बताया कि उनके मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण सेवा परियोजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रत्येक 100–150 किलोमीटर की दूरी पर ‘विद्यासागर पशु चिकित्सालय’ एवं ‘राम पक्षी अस्पताल’ स्थापित किए जा रहे हैं। कुल 108 अस्पतालों की योजना में से अब तक 11 अस्पताल बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने गुरुदेव से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे ऐसा आशीर्वाद दें जिससे शीघ्र ही सभी अस्पतालों का निर्माण पूर्ण हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि इस जनकल्याणकारी कार्य में सरकार का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है।
इसी अवसर पर पारसधाम (पार्श्व शरणम्) के शिलान्यास का शुभ आयोजन भी संपन्न हुआ।
अपने मंगल प्रवचन में आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ने कहा कि “जो गिरता है, उसे संभालो और आगे बढ़कर गले लगाओ। कल का कोई भरोसा नहीं, इसलिए किसी भी अच्छे कार्य को कल पर मत टालो। स्वयं को ऐसा बनाओ कि संसार तुमसे प्रेम करे। जो पशु-पक्षी संकट में हों, उनके लिए व्यवस्था करो और जो श्रावक कठिनाई में हों, उनकी सहायता के लिए भी आगे आओ। पूरे देश में बहुत कम संस्थाएं हैं जो कमजोर वर्ग का हाथ पकड़कर उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य करती हैं।”
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु धनराज–जतन देवी कासलीवाल परिवार द्वारा राजा श्रेयांस आहारदानशाला निर्माण का संकल्प लिया गया तथा आज उसका भूमिपूजन भी संपन्न हुआ।और आचार्य श्री ससंघ ने सात मंदिरों के दर्शन करते हुए भव्य मंगल प्रवेश के साथ अंजनी नगर पहुंचे। यहां अंजनी नगर के श्रावकों ने आगामी शीतकालीन वाचना आयोजित करने हेतु गुरुदेव के श्री चरणो में श्रीफल भेट कर विनम्र निवेदन किया।
माही जैन धीरावत से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

