आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने भावी सिद्धात्मा दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्म सागर जी की समाधि के 39 वर्षों के बाद दर्शन चरण वंदना भाव विभोर होकर किया नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु भगवन

धर्म

 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने भावी सिद्धात्मा दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्म सागर जी की समाधि के 39 वर्षों के बाद दर्शन चरण वंदना भाव विभोर होकर किया नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु भगवन

 

भावी सिद्धत्मा के चरण छतरी के सजल नेत्रों से किए दर्शन 

सीकर 

गुरु गोविंद दोनों खडे काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपकी गोविंद दियो बताए गुरु की महिमा का वर्णन करना इतना आसान नहीं है। गुरु से मिलन वह पावन क्षण है अपने आप में एक दिव्यता को प्रकट करता है|गुरु ग्रंथ का सार है, गुरु है प्रभु का नाम,गुरु अध्यात्म की ज्योति है, गुरु हैं चारों धाम। 39 वर्षों से प्रतिदिन आचार्य भक्ति वंदना परोक्ष रूप से हृदय में अंकित चित्र से दर्शन वंदना करने के बाद आज अवसर आया मन मंदिर में विराजित दीक्षा गुरु की समाधि स्थली पर साक्षात् वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने दीक्षा गुरु समाधिस्थ तृतीय पट्टाधीश आचार्य श्री धर्म सागर जी के भाव विभोर कर सजल नेत्रों से दर्शन चरण वंदना आचार्य भक्ति संघ सहित की। डा राजेश पंचोलिया के अनुसार 76 वर्षीय आचार्य श्री हृदय के भाव सजल नेत्रों के सभी देख रहे थे गुरु शिष्य मिलन पर शिष्यों सहित समाज जन भी द्रवित रहे आचार्य श्री के बाद शिष्यों के दर्शन वंदना के बाद सभी साधुओं ने आचार्य भक्ति का पाठ किया इस भावुक कर देने वाले अवसर के साक्षी अनेक समाज जन रहे। आशीष जयपूरिया ने बताया कि समाज द्वारा आचार्य श्री धर्म सागर जी के चरणों का प्रक्षालन कर अष्ट द्रव्यों से आचार्य संघ सान्निध्य में भक्ति श्रद्धा पूर्वक पूजन की पूजन में चढ़ाए गए मंत्रों का आचार्य श्री एवं मुनि श्री हितेन्द्र सागर ने वाचन किया। डा राजेश पंचोलिया एवं विवेक पाटोदी के अनुसार आचार्य श्री के साथ आर्यिका श्री शुभ मति जी भी आचार्य श्री धर्म सागर जी से दीक्षित है एवं तब आर्यिका श्री विलोक मति जी ब्रह्मचारिणी अवस्था में समाधि के समय रही ।आशीष जयपुरिया एवं अन्य श्रावक श्राविकाओं ने समाधिस्थ आचार्य श्री धर्म सागर जी की प्रतिमा एवं चरण का अभिषेक कर गुरुदेव की पूजा अर्चना की।इस अवसर पर आचार्य श्री संघ के साथ आचार्य श्री धर्मसागर समाधि स्थल के ट्रस्टी राजकुमार सेठी ,अध्यक्ष विमल रेटा वाला ,मंत्री किशोर संगही,पवन जी मोदी, विनोद मोदी, संतोष बिनायक्या, आनन्द मोदी, प्रदीप बिनायक्या ,प्रवीण भरतीया, बॉबी छाबड़ा, संजय बड़जात्या, विकास लुहाड़िया अंकित गंगवाल सिद्धार्थ दीवान आदि सेकड़ो श्रद्धालू उपस्थित रहे

इस अवसर पर समाज के काफी सदस्य उपस्थित होकर पूजन की।

आचार्य श्री के उपदेश से राजेश जैन जयपुर ने यज्ञोपवीत आचार्य श्री से धारण कर शुद्ध जल लेने का नियम लेकर आचार्य श्री ,संघ को आहार दिया।

डा राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *