आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 37वां आचार्य पद आरोहण दिवस सनावद में हर्षोल्लास से मनाया, आर्यिका माताजी का मंगल प्रवेश*
*सनावद।
* नगर के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर जी में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के 37वें आचार्य पद आरोहण दिवस के अवसर पर विशेष पंचामृत अभिषेक एवं पूजन सम्पन्न हुआ। साथ ही नगर में आर्यिका लक्ष्मी भूषण माताजी का मंगल प्रवेश भी हुआ।
समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि इस अवसर पर आचार्य श्री सन्मति सागर जी महाराज की परम शिष्या आर्यिका लक्ष्मी भूषण माताजी ने कहा कि “जिस नगरी में साधु-संतों का उद्भव होता है, वह नगरी स्वयं ही पावन-पवित्र हो जाती है। ऐसी ही नगरी आपकी सनावद नगरी है।”
आर्यिका माताजी ने आगे कहा कि आज इस सदी में भी बीसवीं सदी के प्रथम आचार्य शांतिसागर जी महाराज की परंपरा का निर्वहन कर रहे आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज अपने विशालतम संघ का बखूबी संचालन कर रहे हैं। वे स्वयं के साथ-साथ अन्य संतों का भी मोक्ष का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। आपकी नगरी अत्यंत पावन एवं धन्य है, जहां से इतने बड़े आचार्य के साथ 18 संत अपना कल्याण कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि आर्यिका माताजी का नगर में मंगल प्रवेश आज प्रातः खंडवा की ओर से हुआ। वे निरंतर मंडलेश्वर में चातुर्मास हेतु विहार कर रही हैं। संत भवन में उनकी निरंतराय आचार्य चर्या सम्पन्न हुई। शाम को उनका मंगल विहार बड़वाह की ओर हुआ।
