दुनिया की नजरो मे गिर जाना मगर परमात्मा की नज़र मे कभी मत गिरना साध्वी साध्वी गुणरंजना श्री जी

धर्म

दुनिया की नजरो मे गिर जाना मगर परमात्मा की नज़र मे कभी मत गिरना साध्वी साध्वी गुणरंजना श्री जी
रामगंजमंडी
इन दिनों नगर मे महती धर्म प्रभावना हो रही है वही वर्षायोग हेतु साध्वी गुणरंजना श्रीजी रामगंजमंडी आई है तबसे नगरवासी भक्ति की गंगा मे डूबकिया लगा रहे है। इन दिनों नगर मे पीयूष सागर जी आदि 12 संतो का नगर आगमन हुआ। साथ ही साध्वी जी की दीक्षा दिवस मनाया गया। वही मंगलवार की पुनीत बेला सुविधा नगर कालोनी के विनम्र निवेदन पूज्य गुरुवर्या साध्वी साध्वी गुणरंजना श्री जी सुविधा नगर कालोनी पधारी जहा उन्होने अपने उद्बोधन मे सभी को संस्कारो का पाठ पढ़ाया। वही कालोनी मे पहुचने पर कालोनी की और से सुविधा नगर‎ निवासी विजय कुमार छाजेड़, सुरेंद्र‎ रांका, आशीष डागा, दिनेश जैन,‎ अमन गांधी, कालू नाकोड़ा,‎ महावीर मेहता, ज्ञानचंद बम,‎ सुशीलगोखरू, भागचंद पहाड़िया,‎अशोक जैन हरसौरा,


राजकुमार‎ बाकलीवाल, राहुल सांवला, सीए‎ पदम चंद जैन, सुनील जैन,, गजेंद्र‎ खंडेलवाल,,महेश‎ पोरवाल, इंद्र कुमार शर्मा आदि ने उनकी आगवानी की  सुबह की बेला मे वर्षा होने के बाद भी उत्साह मे कोई कमी नहीं नज़र आई सुरेंद्र रांका के आवास के बाहर धर्मसभा मे सर्वप्रथम गुरु वन्दन किया गया धर्म सभा का संचालन चतुर्मास समिति सरक्षक राजकुमार पारख (लिटिल भाई) ने किया
पूज्यगुरुवर्या ने अपने उद्बोधन मे कहा हमारे जीवन मे कितने महापुरुषो की कृपा है, यह हम लोग देख नहीं पा रहे है। उन्होने कहा आज सुबह जब मंदिर जी से कालोनी हेतु आना है काफी वर्षा है साथी जो लोग लेने हेतु आए उन्होने कहा महाराज श्री खूब बरस रहा है, तो मेने कहा बरसने दो यदि प्रभु की इच्छा है वहा जाना है तो जाएगे।वही होगा जो ईश्वर चाहेगे। उन्होने कहा हम वो चाहते है की हम जेसा चाहे वेसा हो। लेकिन ऐसा नहीं होता। होता वही है जो ईश्वर चाहता है। ध्यान इंगित करते कहा हमने दुनिया भर के रिमोर्ट अपने पास रखे है। टीवी फ्रीज़ ACको चलाने के रिमोर्ट आपके पास है लेकिन आपके जीवन का रिमोर्ट परमात्मा के पास है। उन्होने आगे कहा आपके पास मन इन्द्रिय जीवन मे संयम को लाने का रिमोर्ट है क्या। नहीं अशुद्ध विचारो को रोकने का रिमोर्ट है या नहीं।आप लोग इन चीजो के गुलाम बन चुके है जब तक आप तत्व आत्म चेतन को नही जान पाएगे तब तक आप परमात्मा को नहीं जान पाएगे। उन्होने कहा हमारा मन विचलित तो नही, मन मे क्रोध तो नहीं। यदि हमारा मन विचलित नहीं क्रोध मे नहीं तभी हमारा मन परमात्मा से जुड़ पाएगा। उन्होने कहा हमारे अन्दर भक्ति नहीं प्रदर्शन ज्यादा है। उन्होने कहा सुख आने पर हम परिवार से विचलित न हो हमे साधनों से प्रीती नहीं रखनी है, यह साधनों प्रीती मात्र दिखावा है। आप लोगो ने इस युग को विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। श्रद्धा विश्वास ख़त्म सा हो गया है।आप विचार करो की आप डोर बनोगे या दीवार।आप लोग ने दीवार बनकर बिखर कर राग द्वेष की दीवार खड़ी कर दी है। जब तक यह दीवार खड़ी है तब तक आपका परमात्मा से कनेक्शन नहीं होगा। तब तक कुछ नहीं होगा। यह अनमोल देह है, लेकिन न श्रद्धा है न विश्वास है।
उन्होने टेबलेट का उदाहरण दिया कहा यदि कोई टेबलेट गलत खा ली तो कितना साइड इफेक्ट होता है। कितना घातक परिणाम होता है ठीक उसी तरह यदि जीवन मे राग द्वेष रुपी टेबलेट का साइड इफ़ेक्ट कितना जबरदस्त है। उन्होने सुदामा मीरा की भक्ति को बताते हुए कहा स्वय के प्रति विश्वास और धर्म  के प्रति विश्वास होना चाहिए।जेसा की सुदामा का कृष्ण के प्रति था।सुदामा निर्धन अवस्था मे रहे लेकिन कृष्ण की भक्ति नहीं छोड़ी। और कृष्ण से मिलान हुआ तो वह भक्ति फलीभूत हो गयी। हमारे अन्दर रूचि होनी चाहिए। उन्होने सुविधा नगर कालोनी का नाम लेते हुए कहा आपकी कालोनी का नाम बहुत अच्छा है कही आप दुविधा मे तो नहीं अपने अन्दर चिंतन कर धर्म को भीतर मे उतारो। हमेशा दुनिया की नजरो मे गिर जाना पर प्रभु की नजरो मे नहीं। पैसा आपको पद प्रतिष्ठा दिला सकता है, लेकिन परमात्मा से नहीं मिला सकता है।
अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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