जम्बूस्वामी तपोभूमि बोलखेड़ा में आचार्य ज्ञानभूषण महाराज का भव्य मंगल प्रवेश, बोले— भोग और रोगों में उलझे जीवन को महावीर-राम के आदर्शों की जरूरत
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान होंगे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन, बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
बोलखेड़ा।
जैन धर्म के अंतिम अनुबद्ध केवली भगवान जम्बूस्वामी की पावन तपोभूमि बोलखेड़ा में रविवार प्रातः दिगम्बर जैनाचार्य श्री 108 ज्ञानभूषण महाराज ससंघ का भव्य एवं मंगलमय प्रवेश हुआ। आचार्य संघ के आगमन से पूरा क्षेत्र धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया। गांव के प्रवेश द्वार से श्रद्धालुओं ने आचार्य संघ का श्रद्धा और भक्ति के साथ स्वागत किया। “जय जिनेन्द्र” के जयघोष और धार्मिक नारों के बीच शोभायात्रा निकालते हुए आचार्य संघ को गांव के मध्य स्थित प्राचीन श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर तक मंगल प्रवेश कराया गया।
धर्मसभा में दिया संयम और आत्मचिंतन का संदेश
मंगल प्रवेश के उपरांत आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य ज्ञानभूषण महाराज ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण, संयम और आत्मचिंतन है। धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन को संस्कारित, सदाचारी और सार्थक बनाने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि भगवान जम्बूस्वामी की तपोभूमि त्याग, तप और आत्मजागरण की प्रेरणा देती है।

आचार्य श्री ने कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन में अहिंसा, करुणा और आत्मसंयम को अपनाए तो उसका जीवन सफल हो सकता है। उन्होंने वर्तमान समय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “आज भोगों और रोगों में गुजर रही जिंदगी को भगवान महावीर और भगवान राम के आदर्शों की सबसे अधिक आवश्यकता है।”
आध्यात्मिकता से मिलेगी जीवन को सही दिशा
संघस्थ क्षुल्लिका ज्ञान गंगा माताजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भागदौड़ और भौतिकता से भरे वर्तमान युग में आध्यात्मिकता ही मनुष्य को मानसिक शांति और जीवन की सही दिशा प्रदान कर सकती है। उन्होंने समाज के लोगों से धर्म, संस्कार और सदाचार की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
वर्षायोग के लिए नोगावां की ओर पद विहार
संजय जैन बड़जात्या ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ पंचकल्याणक महोत्सव के बाद आचार्य संघ गोविंदगढ़, सीकरी, बोलखेड़ा, पहाड़ी और फिरोजपुर झिरका होते हुए वर्षायोग के लिए नोगावां की ओर पद विहार कर रहा है।
इस अवसर पर सीकरी, लक्ष्मणगढ़, कामां, जुरहरा सहित आसपास के अनेक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे। दीपक जैन बोलखेड़ा ने बताया कि आचार्य श्री ससंघ का तीन दिवसीय प्रवास बोलखेड़ा में रहेगा, जिसके दौरान विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जानकारी स्रोत: संजय जैन बड़जात्या, कामवन।

संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312
