Family of three sits cross‑legged in prayer before a large seated monk statue, with coconuts and books on a table beside them.

कुछ कहकर चले जाते हैं, कुछ सुनकर चले जाते हैं..कुछ देखकर चले जाते हैं, कुछ करके चले जाते हैं..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज 

धर्म

कुछ कहकर चले जाते हैं, कुछ सुनकर चले जाते हैं..कुछ देखकर चले जाते हैं, कुछ करके चले जाते हैं..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

 

अंदेश्वर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर कुशलगढ़

अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष जी महाराज ससंघ अदेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ में विराजमान हैं उनकी अहिंसा संस्कार पदयात्रा पुष्पगिरी के लिए चल रही है उसी श्रुंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि जो ज्ञान प्राप्त किया है उसे तदनुरूप आचरण में भी लाइये। गणधर पीठ पर या व्यास पीठ पर बैठकर ज्ञान की ऊँची बातें तब कारगर सिद्ध होती है जब स्वयं के आचरण में आती है।

 

 

 

हमने – आपने बचपन में एक कहानी सुनी थी – किसी तोते को उसके मालिक ने सिखाया था कि शिकारी आयेगा, जाल फैलायेगा, दाना डालेगा, उसमें फसना मत। तोते को यह बात कण्ठस्थ हो गई। एक बार शिकारी आया, जाल बिछाया, दाना डाला और पास में चुपचाप बैठ गया कि देखते हैं कौन फंसता है -? वही तोता आया जिसने कण्ठस्थ कर लिया था कि शिकारी आयेगा, जाल फैलायेगा, दाना डालेगा लेकिन उसमें फंसना मत। फिर क्या था — तोता आया, जैसे ही दाना खाया और शिकारी के जाल में फंस गया। तोते ने मालिक के शब्दों को कण्ठस्थ तो किया पर हृदयस्थ नहीं कर पाया। इसी प्रकार बहुत से साधु सन्त अच्छी और ऊंची ऊंची ज्ञान की बातें करने वाले, बहुत से प्रवचनकार, कथावाचक, तमाम कुरीतियों पर प्रहार करने वाले, तोते जैसा ज्ञान देकर जाने वाले साधु सन्त स्वयं ही अपनी योजनाओं के मकड़जाल में फंसते जा रहे हैं।

 

 

 

 

जो ज्ञान प्राप्त किया है वह पचना भी चाहिए, चारित्र में उतरना चाहिए। दुनिया में जितने भी दुराचारी, चोर बदमाश हुये हैं, वो भी जानते थे कि चोरी नहीं करना चाहिए, झूठ नहीं बोलना चाहिए, छल कपट नहीं करना चाहिए, लेकिन वे खुद को बचा नहीं सके। इसलिए —

ध्यान रखना! प्रकृति – स्वभाव में जीने की बात करती है और संस्कृति – संस्कारों के रख-रखाव की बात करती है…!!! नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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