अच्छी खासी ज़िन्दगी से इमोशन दूर हो रहे हैं..और भीतर की भावनायें मरती जा रही है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
औरंगाबाद
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ससंघ की अहिंसा संस्कार पदयात्रा दिक्षा भुमी परतापुर बांसवाड़ा राजस्थान से बागिदोरा जैन मंदिर में विराजमान हैं वहासे आज सुबह कलिंजरा के लिए विहार हुआ उसी दरम्यान उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने कहा कि आखिर क्यों
शायद – बदलता पारिवारिक परिवेश, आपसी सम्वाद की कमी और एक दूसरे की भावनाओं को नजरअंदाज करना। कुछ वर्ष पहले घटी श्रद्धा मर्डर केस जैसी घटनाएँ मन को झकझोर देती हैं। इन घटनाओं से घिरा मन जब तक स्वयं को संभालने का प्रयास करता है, तब तक एक और विचलित कर देने वाली खबर सुनने को मिल जाती है — एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका के 35 टुकड़े कर दिए। कहीं एक महिला ऑनलाइन गेम में अपने मकान मालिक के हाथों स्वयं को हार बैठती है।
हर एक घटना में छिपा अंधा जुनून और संवेदनहीनता यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या हमारी भावनाएँ समाप्त होती जा रही है-?
भावनाओं का सम्मान करना ही खुशहाल जीवन जीने का एक अच्छा हुनर है। क्योंकि —
भावनाएं ही हमें इन्सान से इन्सानियत का पाठ पढ़ाती है।
मानव से मानवीयता का बोध कराती है।
पत्थर में परमात्मा का दर्शन कराती है।
शव में शिव को दिखाती है।
तिर्यञ्च में भी तीर्थंकरत्व का भाव जगाती है।
इसलिए —
_हमें अपने मन में संवेदनाओं को स्थान देना होगा, और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना होगा…!!!आज अंतर्मना-अहिंसा-संस्कार पदयात्रा
{ दिशा-कलिंजरा, अंद्वेश्वर पार्श्वनाथ, कुशलगढ़, दाहोद, मक्सी पार्श्वनाथ,तपोभूमि उज्जैन,पुष्पगिरी तीर्थ क्षेत्र}
परम पूज्य गुरुदेव भारत गोरव विश्व के सर्वश्रेष्ठ तपस्वी उत्तम सिंह निष्क्रिडित व्रत्तकर्ता अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागरजी महाराज जी चतुर्विघ संघ का भव्य मंगल पद विहार दिनाँक 31 मई 2026, रविवार सुबह को 5.30 बजे
शाँतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर,बागीदौरा,जिला-बाँसवाडा
से दिगम्बर जेन मंदिर, कलिंजरा, जिला-बाँसवाडा,राजस्थान 9 किलोमीटर के लिए होगा। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद
