हिमाचल में सम्पन्न हुआ वाल्मीकि महासभा का 19वां राष्ट्रीय अधिवेशन*हिमाचल के राज्यपाल ने किया शुभारंभ व समापन सत्र के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष रहे ।

देश

*हिमाचल में सम्पन्न हुआ वाल्मीकि महासभा का 19वां राष्ट्रीय अधिवेशन*हिमाचल के राज्यपाल ने किया शुभारंभ व समापन सत्र के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष रहे ।

रामगंजमंडी/पालमपुर (हिमाचल प्रदेश)__

_अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा का दो दिवसीय 19वां राष्ट्रीय अधिवेशन हिमाचल प्रदेश के पालमपुर स्थित चौधरी श्रवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं ऐतिहासिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में देशभर के 19 राज्यों से आए प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं ने सहभागिता कर वाल्मीकि समाज, सफाई कर्मचारी वर्ग के अधिकारों, शिक्षा, संगठनात्मक मजबूती एवं सामाजिक सम्मान जैसे विषयों पर गंभीर मंथन किया।

 

 

अधिवेशन में भाग लेकर वापस लौटने पर राष्ट्रीय प्रभारी सचिव नरेन्द्र राजा ने बताया कि अधिवेशन का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री कवीन्द्र जी गुप्ता द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री रामगोपाल जी राजा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पालमपुर विधायक श्री आशीष बुटेल एवं कृषि विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर रहे।

मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल श्री कवीन्द्र जी गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि वाल्मीकि समाज ने इतिहास में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया, किन्तु अपने मूल संस्कारों एवं धर्म से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने समाज को शिक्षा एवं संगठन के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी को देश की उन्नति में सहभागी बनना होगा। उन्होंने अपने जम्मू-कश्मीर कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 600 से अधिक सफाईकर्मी युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध करवाया था।Hindi snack ad poster: a meditating monk in orange robes against a sunlit yellow background, with bold red Hindi headline and contact numbers at the bottom.

 

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामगोपाल जी राजा ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए महासभा के संस्थापक पूजनीय डॉ. जी. एस. विश्नार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया तथा संगठन की मजबूती, सामाजिक अधिकारों, शिक्षा एवं सफाईकर्मी समाज के सम्मान हेतु महासभा की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विभिन्न राज्यों के सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त रणनीति तैयार करने पर बल दिया।

 

 

अधिवेशन में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, उड़ीसा सहित विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा के विषय पर एडवोकेट श्रीमती नीना विश्नार ने विशेष उद्बोधन दिया।
अधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष श्री हरदीप सिंह गिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी राज्यों से आए महासभा पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। अपने उद्बोधन में श्री गिल ने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ अभी भी सफाईकर्मी समाज तक पूर्ण रूप से नहीं पहुँच पा रहा है। उन्होंने महासभा द्वारा प्रस्तुत समस्याओं के समाधान हेतु हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे सफाई कर्मचारी समाज के हितों की लड़ाई में महासभा के साथ मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने प्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित कर समस्याएँ साझा करने का आग्रह भी किया।
समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामगोपाल राजा ने सफाई कर्मचारी समाज को पृथक आरक्षण, सफाई कर्मचारी आयोगों को संवैधानिक दर्जा देने, समान कार्य के लिए समान वेतन, संगठन विस्तार एवं सामाजिक अधिकारों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। महासभा की साधारण सभा द्वारा आगामी चुनाव तक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामगोपाल जी राजा का कार्यकाल भी बढ़ाया गया। साथ ही संस्थान के विधान में कोर कमेटी के निर्णय अनुसार बदलाव कराने का प्रस्ताव भी पास किया गया । और इस कार्य को निष्पादित कराने की जिम्मेदारी नरेन्द्र राजा को दी गई ।

जलाधारी मठ के महंत स्वामी यति डॉ. निर्भयानंद जी गिरी महाराज की पावन उपस्थिति में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सीताराम विश्नारिया ने वाल्मीकि समाज की प्रमुख समस्याओं के समाधान के सुझाव रखे, जबकि एडवोकेट नीना विश्नार ने महिलाओं की शिक्षा, सम्मान एवं सामाजिक जागरूकता पर विशेष बल दिया। जम्मू-कश्मीर प्रदेशाध्यक्ष जंग बहादुर ने धारा 370 हटने के बाद वाल्मीकि समाज को मिले अधिकारों के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

 

 

अधिवेशन में तेलंगाना प्रदेशाध्यक्ष किशनलाल रिडलान, महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष रवि करोसिया, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप चौहान, गुजरात के मणिलाल सोलंकी, उत्तराखंड के अजय सोदा, मध्यप्रदेश के पुरुषोत्तम डागौर, राजस्थान के विकास चनाल, छत्तीसगढ़ के संजय डागौर, झारखंड के भगत वाल्मीकि, दिल्ली के सुनील तंवर, प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव मोहनलाल बग्गन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवलाल तेजी एवं राष्ट्रीय संयोजिका एडवोकेट सुश्री गौरी सहित अनेक पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।

 

अंत में सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया। राष्ट्रीय महासचिव राकेश गिल व हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष दीपक लाहोरवी ने सभी आगंतुकों एवं प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *