विद्यालय सिर्फ साक्षर न करें, संस्कारित भी करें; लौकिक के साथ धार्मिक शिक्षा जरूरी सुधासागर महाराज 

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विद्यालय सिर्फ साक्षर न करें, संस्कारित भी करें; लौकिक के साथ धार्मिक शिक्षा जरूरी सुधासागर महाराज

मुंगावली

शिक्षा केवल आजीविका चलाने का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला होनी चाहिए। मुंगावली नगर में बनने वाला प्रस्तावित विद्यालय ऐसा हो, जो पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल पेश करे। यदि विद्यालय में लौकिक (आधुनिक) शिक्षा के साथ धार्मिक और नैतिक शिक्षा का समावेश होगा, तभी हम एक बेहतर और संस्कारित पीढ़ी तैयार कर पाएंगे। यह मंगल उपदेश निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने संत निवास पर आयोजित धर्मसभा में दिए।

 

 

मुनिश्री ने विद्यालय निर्माण को लेकर समाज को दिशा देते हुए कहा कि कोई भी शिक्षण संस्थान मात्र ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं होना चाहिए। उसे मात्र लौकिक जोर देकर कहा कि विद्यालय ऐसा बने कि कई किलोमीटर दूर से पालक अपने बच्चों को वहां पढ़ाई तक सीमित न रखें। उन्होंने भेजने का गौरव महसूस करें। शिक्षा दान की वह कोटि है, जो आने वाली कई पीढ़ियों तक ज्ञान का भंडार बांटती रहती है। जिस जीवन में शिक्षा नहीं, वहां कुछ भी नहीं।

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प्रवचन के दौरान मुनिश्री बोले-बातें कम और काम ज्यादा करें

 

प्रवचन के दौरान मुनिश्री ने अजमेर के ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र नारेली की प्रबंध कमेटी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वहां अस्पताल, गोशाला और मंदिर का जो विस्तार हुआ है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कमेटियों को नसीहत देते हुए कहा नारेली ने काम करके दिखाया है। उन्होंने मुंगावली समाज से भी इसी तर्ज पर ऐतिहासिक कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष जय कुमार सिंघई, अंकित पायल, नीलेश खेरा, तीर्थ नारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

सरकार और साधु का लक्ष्य एक ही: मुनिश्री

कार्यक्रम के दौरान खाद्य विभाग के अध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ. केपी यादव ने मुनिश्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया। मुनिश्री ने डॉ. यादव से चर्चा करते हुए प्रजातंत्र और समाज सेवा की अनूठी व्याख्या की। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों से टैक्स लेकर जनहित के कार्य करती है, जबकि साधु समाज के धनवानों को दान की प्रेरणा देकर उसी धन को अस्पताल, विद्यालय और मंदिरों के माध्यम से गरीबों की सेवा में लगवाते हैं। दोनों का अंतिम लक्ष्य समाज का उत्थान ही है।

 

महाराज श्री हमारी आस्था

 

पूर्व सांसद डॉ. केपी यादव ने कहा कि मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज न केवल जैन समाज, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए आस्था और मार्गदर्शन के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि जब गुरुदेव ने जिले में प्रवेश किया था, तब से निरंतर उनका सानिध्य मिल रहा है। मेरा सौभाग्य है कि आज मुंगावली समाज के साथ मुझे आशीर्वाद मिला। जनहित के कार्यों में महाराज श्री का मार्गदर्शन हमें ऊर्जा प्रदान करता है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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