*हित अहित विचार कर काम करने पर सफलता मिलती है – राष्ट्रसंत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज
मुंगावली
–हित अहित का विचार आना चाहिए किस चीज में आपका हित है किसमें अहित इस प्रकार विचार कर काम करना चाहिए ।काम करने में साधक तत्व के साथ ही बाधक तत्वों का ज्ञान भी होना चाहिए । साथ ही अपनी प्रवृत्ति किस रूप है इसको भी समझा होगा तब कही जाकर आपको सफलता मिलेगी ।शास्त्रीय भाषा में इसे भेद विज्ञान कहते है इसे अच्छी तरह से समझना होगा । मात्र आत्मा भिन्न शरीर भिन्न का मतलब ही भेद विज्ञान है।भेद विज्ञान मात्र अध्यात्म का ही विषय मत जानो, भेद विज्ञान घटित होता। चारों अनुयोगों में हेय उपादेय का ज्ञान होना चाहिए ये सब आता भेद विज्ञान में।
बिना भेद विज्ञान के मोक्ष मार्ग नहीं बनेगा मोक्ष सुख पाने के लिए ज्ञान का विस्तार रूप जिसे सहज भाषा भेद विज्ञान कहते हैं। उक्त आशय के उद्गार सुधा सागर सभागार में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए।

थूवोनजी मन्दिर का होगा जिर्णोद्धार*
थूवोनजी कमेटी के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि अमेरिका से पधारे रिशू अनिरुद्ध जैन ने परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के मुंगावली में दर्शन कर अंचल के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थथूवोनजी के एक मन्दिर का जीर्णोद्धार कराने की जिम्मेदारी ली इस हेतु उन्होंने परिवार के निकट रिश्तेदार सन्तोष कुमार रोहित राहुल सिंघई के साथ मुनिश्री से आशीर्वाद लिया ।उन्होंने कहा कि अमेरिका में इस तरह के धार्मिक एवं पारमार्थिक काम करने का मौका नहीं मिलता। हम वहां रहने के कारण ज्यादा कुछ नहीं कर सकते तो अपने देश की संस्कृति के लिए कुछ करने के भाव टेलीविजन पर प्रवचन सुनकर हुए और इस अंचल के सबसे बड़े तीर्थ में जीर्णोद्धार का सौभाग्य प्राप्त कर लिया इस दौरान कमेटी के पदाधिकारियों ने इनका सम्मान किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
