A group of relatives in colorful sarees gathers around a man in traditional dress seated on a gold throne on a flower-decorated stage during a ceremony.

दृढ़ संकल्प सफलता की प्रथम शर्त, गलत को पहचान त्यागना सही को जानकर अपनाना सच्चा तत्व : आचार्य आनंदचंद्र सागर

धर्म

दृढ़ संकल्प सफलता की प्रथम शर्त, गलत को पहचान त्यागना सही को जानकर अपनाना सच्चा तत्व : आचार्य आनंदचंद्र सागर

रामगंजमंडी

शहर में पांच दिवसीय दीक्षा महोत्सव के तीसरे दिन आचार्य आनंदचंद्र सागर सूरी महाराज के प्रेरणादायी प्रवचन हुए। इस दौरान दीक्षार्थी संयम भाई के सफेद वस्त्रों पर केसर के छोटे लगाकर स्वास्तिक अंकित किया गया। यह उनके आगामी संयम जीवन का मंगल प्रतीक बना। 

 

 

 

प्रवचनसभा में आचार्यश्री ने बताया कि प्रत्येक दीक्षार्थी को तीन प्रमुख परीक्षाओं से गुजरना होता है। दृढ़ संकल्प। सुदृढ़ तत्वबोध। गुरु के प्रति पूर्ण समर्पण। संयम भाई इन तीनों कसौटियों पर खरे उतरते हुए दीक्षा की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प सफलता की प्रथम शर्त है। गलत को पहचानकर तुरंत त्याग देना। सही को जानकर उसे तत्काल अपनाना। यही सच्चा तत्व है। सत्य को जानकर भी उसे जीवन में न उतार पाना मन की कमजोरी है।

Poster advertising mixed fried snack bites with a blue badge quote and contact numbers; mountain backdrop and bowls of snacks in bottom-right.Golden advertisement for an 8×10 inch Premium LED Light Frame featuring Buddha and listed features like UV Print, waterproof, and contact info on the postery background.

समर्पण की व्याख्या करते हुए आचार्य ने कहा कि जिस गुरु के प्रति हम समर्पित होते हैं, उसकी खुशी में हमारी खुशी होनी चाहिए। उसके दुख में हमारा दुख होना चाहिए। जब शिष्य वफादार होता है, तभी गुरु जवाबदार बनता है। यह वफादारी और जवाबदारी का सूत्र परिवार, समाज, राष्ट्र और – गुरु-शिष्य संबंधों में समान रूप से लागू होता है।परमात्मा की वाणी अंतर्मन में शक्ति उत्पन्न करती है

 

उन्होंने कहा कि जिनवाणी सिंह-गर्जना के समान है। इसे सुनकर दुर्गुण स्वतः भाग जाते हैं। परमात्मा की वाणी अंतर्मन में शक्ति और पराक्रम उत्पन्न करती है। रंगोत्सव के दौरान आचार्य ने सफेद और केसरिया रंग के आध्यात्मिक अर्थ समझाए। सफेद रंग शांति, विराम और कषायों के अंत का प्रतीक है। केसरिया रंग शौर्य और आत्म-विजय का द्योतक है। दीक्षा के बाद संयम भाई का जीवन कषायों से विराम की ओर अग्रसर होगा।

 

5 मई को सुबह 8 बजे दीक्षार्थी संयम मेहता वर्षीदान यात्रा पर प्रस्थान करेंगे। इसमें वे अपने वैभव, पद और संपत्ति का त्याग करते हुए मार्ग में ही विसर्जन करेंगे। सुबह 9.30 बजे वे आगमोद्धारक नगरी कंचन सिटी पहुंचेंगे। वहां उनका बहुमान एवं सम्मान समारोह आयोजित होगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे। विशिष्ट अतिथि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर होंगे। शाम 4 बजे अंतिम वायणा (आखिरी बार गृहस्थ भोजन) होगा। शाम 7.30 बजे बड़ा विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें मुंबई के संगीतकार श्रेयांश भाई अपनी प्रस्तुति देंगे।दीक्षार्थी संयम मेहता वर्षीदान यात्रा पर प्रस्थान करेंगे। इसमें वे अपने वैभव, पद और संपत्ति का त्याग करते हुए मार्ग में ही विसर्जन करेंगे। सुबह 9.30 बजे वे आगमोद्धारक नगरी कंचन सिटी पहुंचेंगे। वहां उनका बहुमान एवं सम्मान समारोह आयोजित होगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे। विशिष्ट अतिथि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर होंगे। शाम 4 बजे अंतिम वायणा (आखिरी बार गृहस्थ भोजन) होगा। शाम 7.30 बजे बड़ा विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें मुंबई के संगीतकार श्रेयांश भाई

 

आत्म-विजय के पवित्र संकल्प का प्रतीक बने। इस दौरान सर्वप्रथम आचार्य ने स्वयं केसर से स्वास्तिक अंकित किया। बाद में परिवारजनों एवं समाजजनों ने भी स्वास्तिक बनाकर संयम भाई को आशीर्वाद प्रदान किया। दोपहर में हल्दी समारोह आयोजित हुआ। इसमें इंदौर की संगीतकार सुश्री अदिति कोठारी ने प्रस्तुति दी। दीक्षा महोत्सव के प्रवक्ता वरिंद्र जैन ने बताया कि इस आयोजन को लेकर सर्व समाज में विशेष उत्साह है।

 

अपनी प्रस्तुति देंगे। 6 मई को सुबह 8 बजे स्व-निवास से जुलूस के रूप में आगमोद्धारक नगरी पहुंचेंगे। वहां समारोह में आचार्य आनंदचंद्र सागर सूरी महाराज की ओर से संयम भाई को विधिवत दीक्षा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही संयम भाई वैराग्य धारण कर जैन साधु जीवन में प्रवेश करेंगे। वे सदा के लिए गृहस्थ जीवन का त्याग करेंगे। विदाई समारोह में सूरत के संगीतकार संयम भाई राठौड़ अपनी प्रस्तुति देंगे। संवेदना भाव मुंबई के भाविकभाई मेहता की ओर से प्रस्तुत किए जाएंगे।

 

आत्म-विजय के पवित्र संकल्प का प्रतीक बने।

 

 इस दौरान सर्वप्रथम आचार्य ने स्वयं केसर से स्वास्तिक अंकित किया। बाद में परिवारजनों एवं समाजजनों ने भी स्वास्तिक बनाकर संयम भाई को आशीर्वाद प्रदान किया। दोपहर में हल्दी समारोह आयोजित हुआ। इसमें इंदौर की संगीतकार सुश्री अदिति कोठारी ने प्रस्तुति दी।

 

   संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *