सफल व्यक्तियों की ज़िन्दगी की डायरी में ये शब्द नहीं होते..“अभी नहीं”, “बाद में” या “कल करेंगे”..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
परतापुर बांसवाड़ा राजस्थान
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने अपने प्रवचन के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि इसीलिए वे सफलता के शिखर की उत्तुंग चोटी तक पहुँच पाते हैं। अन्यथ: आज हमारे पास आसमान छूने के सपने तो बहुत हैं, लेकिन उस दिशा में आगे बढ़ने का जोश और उत्साह नहीं है। *हम कहते हैं —आज नहीं, कल या बाद में करेंगे
जीवन को बदलने का मन तो बहुत है, लेकिन पहल करने की शक्ति नहीं है। इस बार परीक्षा की अच्छी तैयारी करनी है, लेकिन सोचते हैं —कल करेंगे या बाद में करेंगे। संबंध सुधारने हैं, पर आज नहीं, बाद में। हमेशा यही बहाना — अभी मेरा समय ठीक नहीं है 





_अरे मूर्खानन्द!_शुभ, ऊर्जावान और सकारात्मक विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है। ये तो परमात्मा का दिया हुआ उपहार हैं। और तुम रो रहे हो— समय ठीक नहीं है। तुम्हारा समय कभी ठीक नहीं होगा, क्योंकि तुमने मान लिया है कि समय ठीक नहीं है। आलसी, प्रमादी और निष्क्रिय लोगों के यही लक्षण होते हैं — मेरा समय ठीक नहीं है” या “कल करेंगे।”
सफल व्यक्तियों ने अपने जीवन के शब्दकोश से “कल” और “बाद में” जैसे घातक शब्दों को निकाल दिया है। इसीलिए वे सफलता के शिखर पर पहुँचते हैं। *कल पर किसी का अधिकार नहीं है। इसलिए “कल” और “बाद में” जैसे आलसी शब्दों को छोड़कर “आज”, “अभी”, इसी क्षण को अपनाओ। किसी भी काम को टालने के बजाय उसे अभी करने की पहल करो। हाँ, पाप, गलत और अशुभ कार्यों को — कल पर टाल दो। और पुण्य, शुभ तथा परोपकार के कार्यों को — आज, अभी, इसी क्षण शुरू कर दो।
एक सूत्र याद रखो — अभी नहीं तो कभी नहीं…!! परतापुर बांसवाड़ा में अंतर्मना आचार्य नवधा भक्ति भवन का शिलान्यास किया गया।
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
