शिक्षक का आचरण सबसे बड़ा पाठ वही बच्चे सीखते हैं: आर्यिका स्वास्तिभूषण माताजीकेपाटन जैन अतिशय क्षेत्र में शिक्षक सम्मेलन, 6 शिक्षकों को सम्मानित किया
केशवरायपाटन
केशवरायपाटन के अतिशय क्षेत्र में बुधवार को ब्लॉक स्तरीय शिक्षक सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि शिक्षक का ही ऐसा कार्य है, जिसमें पाप की गुंजाइश नहीं है। शिक्षक निष्ठा से दायित्व निभाए तो आजीविका के साथ पुण्य का भी संचय करता है।
माताजी ने कहा कि दुनिया के सभी व्यवसायों में पाप का कुछ प्रतिशत जरूर होता है, लेकिन शिक्षक का कार्य सबसे पवित्र माना गया है। वर्तमान में शिक्षा का स्वरूप बदल गया है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डॉक्टर और इंजीनियर बनना रह गया है, जबकि इससे पहले अच्छा इंसान बनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होती है। शिक्षक देश का भविष्य बनाते हैं। शिक्षक का आचरण ही सबसे बड़ा पाठ है। बच्चे वही सीखते हैं जो देखते हैं। गुरु का दर्जा माता-पिता से भी ऊपर माना गया है।

कार्यक्रम में अतिथि व्यवसायी राजेश जैन मडिया, सीबीईओ मधु वर्मा और एसीबीईओ संजय मीणा ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। प्रधानाचार्या अमिता जैन, व्याख्याता अतिवीर जैन, वरिष्ठ अध्यापक नवीन कुमार इनामी और आर्यन एकेडमी के निदेशक सत्यप्रकाश ओझा ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए।






शिक्षा विभाग की अनुशंसा पर सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले 6 शिक्षकों का अतिशय क्षेत्र कमेटी की ओर से सम्मान किया गया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

