एक प्रयास — अनेक असफलताओं को पराजित कर देता है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
खोडन राजस्थान
अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी महाराज ने गुरु भक्तों को संबोधित करते कहा कि। इसलिए सदा प्रयास करते रहो। मैं देख रहा हूँ — 95 साल की बूढ़ी माँ एक-एक कदम चलते चलते पार्श्वनाथ टोंक पर पहुंच गई। एक प्रयास – एक कदम हमें लक्ष्य तक पहुंचा देता है। मंजिल तभी मिलेगी जब दिशा सही होगी। प्रयास सही है, कदम भी आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन दिशा गलत है तो — गई भैंस पानी में।
सफलता की शुरूआत इच्छा शक्ति और संकल्प शक्ति से होती है। यह सब हमारी सोच पर निर्भर करता है। सफल होने के लिए आपको अपनी सोच ऊंची करनी होगी। कौन क्या बोल रहा है, बक रहा है, ये सब अनसुना करोगे तब आप अपने लक्ष्य तक पहुंच पाओगे। अन्यथ: ये समाज, ये दुनिया, समयसार पढ़ने वाले साधु सन्त – ना जीने देंगे, ना मरने देंगे।



उनका काम है टिप्पणी करने का, टांग खींचने का, अदवा-तदवा बोलने का। अक्सर पर्वत में यात्री जब नीचे होते हैं तो ऊपर देखते हैं, और जब वो पार्श्वनाथ टोंक पर लम्बी-लम्बी सांसे भरते-भरते आते हैं, फिर नीचे खाई में देखते हैं — अरे बाबू! अभी आपको पार्श्वनाथ टोंक से सात राजू की यात्रा और तय करना है। इसलिए नीचे नहीं, और ऊपर देखो और आगे बढ़ो।पत्थर वही वृक्ष खाता है, जो फल से लदा होता है…!!! ।।
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
