भगवान आदिनाथ मंदिर की प्रतिष्ठा की शोभायात्रा ऐतिहासिक निकली बैंड बाजे शेरे पंजाब बैंड के करतब और भस्म रमैया मंडल का प्रदर्शन की सराहना हुई खरतरगच्छाधिपति आचार्य मणिप्रभ सुरीश्वर, साध्वी मंडल और जगतगुरु शंकराचार्य पूरी शोभा यात्रा में पैदल चले
रामगंजमंडी।
शहर के बाजार नं. 3 में सफेद मार्बल से बना भव्य मंदिर एक तरफ पूरे क्षेत्र की जनता में आश्चर्य और चर्चा का विषय बना हुआ है वहीं इसकी प्रतिष्ठा महोत्सव भी बहुत ही भव्यता और अनुशासन से मनाया जा रहा है। मंगलवार को प्रतिष्ठा महोत्सव की शोभा यात्रा सुबह 8 बजे मंदिर से शुरू हुई और देखते-देखते इस शोभा यात्रा में हजारों पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हो गये। शोभा यात्रा में आगे ही आगे स्थानीय बैंड, उसके बाद उज्जैन का भस्म रमैया मंडल फिर पंजाब का शेरे पंजाब बैंड अपने-अपने करतब दिखाता हुआ चल रहा था।
भीड़ गुरुदेव आचार्य श्री मणीप्रभ सुरीश्वर के दर्शन वंदन करने को आतुर रही हर समाज के लोगो ने लिया आशीर्वाद – बाजार नं. 3 मंदिर से शुरू हुई शोभा यात्रा अंबेडकर सर्किल, बाजार नं. 7, स्टेशन चौराहे से बाजार नं. 1 से होती हुई मालगोदाम चौराहा, बाजार नं. 4 से होती हुई सरकारी कुआ पहुंची, वहां से बाजार नं. 2 होती हुई कार्यक्रम स्थल राजकमल आईल मील बाजार नं. 6 पहुंची। पूरी शोभा यात्रा में शेरे पंजाब बैंड भटिंडा और भस्म रमैया मंडल जनता के आकर्षण का केंद्र रहे। वही आचार्य श्रीमणीप्रभ सुरीश्वर महाराज और जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद जी पूरी शोभा यात्रा में पैदल चले। आचार्य श्रीमणीप्रभ सुरीश्वर की एक झलक पाने और उनके आशीर्वाद को पाने के लिये पूरी रामगंजमंडी और बाजारों के लोग उमड़े।श्रीआदिनाथ जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि धार्मिक आयोजनों के इस वरघोड़े (शोभायात्रा) को शहर के लोगो ने ऐतिहासिक एवम् अनुशासन वाला बताया।

प्रवचन स्थल पर भानपुरा पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि अपने कार्य की सफलता के लिये दुश्मन से भी दोस्ती करनी पड़े तो करना चाहिये। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य में कई बाधाएं विघ्न आते हैं – लेकिन बाधाओं से अच्छे कार्य बंद नहीं होने चाहिये। उन्होंने कहा परोपकार तो करना है पर इसमें हिंसा नहीं होना चाहिये। रामगंजमंडी नगर में इतिहास की रचना होने जा रही है आचार्य श्री मणीप्रभ सुरीश्वरजी राष्ट्र रत्न, सूरी सम्राट खरतरगच्छाधिपति ने खचाखच भरे प्रवचन हाल में बोलते हुए कहा कि बुधवार का दिन रामगंजमंडी के इतिहास में ही नहीं वरन् पूरे भारत में शिखर बंध मंदिर जो मात्र 7 महीने 7 दिन में बनकर तैयार हुआ है – उसमें परमात्मा आदिनाथ की प्रतिमा विराजमान होगी और शिखर पर ध्वजा फहरेगी। शोभा यात्रा में शामिल सभी धर्मों के लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति को देखकर आचार्य श्री ने कहा जो एकता यहाँ देखने को मिली वह बहुत कम देखने को मिलती है।


उन्होंने कहा कि धर्म पर किसी एक का अधिकार नहीं होता उसी तरह संत भी किसी एक धर्म का नहीं होता यह मंदिर सिर्फ श्वेतांबर जैन समाज का नहीं होकर पूरे नगर का मंदिर है।
श्री कृष्ण वासुदेव और अर्जुन के युद्ध के बाद अग्नि रथ से उतरने का वृत्तांत सुनाते हुए मणीप्रभ सूरीश्वरजी ने कहा कोई सा भी रथ हो वह तब तक सुरक्षित है जब तक भगवान उसमें विराजमान हों। इसलिए अपने दिल में भगवान को विराजमान करने का कार्य प्रत्येक इंसान को करना चाहि। आचार्य श्री ने कहा कि कुएं अलग अलग हो सकते हैं- दावेदारी भी अलग अलग हो सकती है पर सबमें पानी एक ही तरह का होता है। एक दूसरे के लिये जीना ही परमात्मा आदिनाथ का संदेश है। कार्यक्रम में वरघोड़े और सुबह के शाही भोज के लाभार्थी पारख परिवार रामगंजमंडी रहे।
अध्यक्ष राजकुमार पारख का कई संघो ने किया सम्मान
शहर में भव्य एवम् अलौकिक मंदिर अल्प समय में बनाने के लिये अध्यक्ष राजकुमार पारख का उज्जैन के सुरेश जैन, खैरेश्वर पार्श्वनाथ जैन श्वे. मंदिर कालाउना, आदिनाथ जैन श्वेताम्बर जैन महासंघ जोधपुर, मुनिसुव्रत स्वामी जैन श्वेताम्बर मूर्तीपूजक विहार धाम ट्रस्ट ने बहुमान किया।

– बुधवार को होने वाले कार्यों के लाभार्थी
सर्वप्रथम ध्वजा की वार्षिक बोली का लाभ लेने से पहले आचार्य श्री ने कहा कि मंदिर के शिखर की ध्वजा अहिंसा, प्रेम और शांति का संदेश देती है। पूज्य गुरुदेव ने कहा कि बुधवार ठीक सुबह 8.33 बजे परमात्मा गद्दीनशीन होंगे। श्रीसंघ कोषाध्यक्ष सुशील गोखरू ने बताया कि ध्वजा चढ़ाने का लाभ ज्ञानचंद मनीष लोढ़ा परिवार धनोप, कलश चढ़ाने का लाभ केसरीमल रघुवीरसिंह सूरत, आदिनाथ भगवान को विराजमान का लाभ पारसमल निशीत कोठारी इन्दौर, पार्श्वनाथ भगवान को विराजमान करने का लगीदेवी अचलाजी चंपालाल शाह, महावीर स्वामी भगवान को विराजमान करने का सुभाष बापना रामगंजमंडी, 90 वर्ष पूर्व विराजमान आदिनाथ भगवान को विराजमान करने का सुरेश कुमार कांठेड़ नलखेड़ा, पार्श्वनाथ भगवान को सुरेशचंद्र संघवी जयपुर, महावीर स्वामी को ज्ञानचंद जितेन्द्र बापना बैंगलोर, सुमतिनाथ को विराजमान का बसंतीलाल लालचंद पारस डागा रामगंजमंडी, गौतम स्वामी को विराजमान करने का चंद्रप्रकाश मेहता रतलाम, जिनेश्वर सूरी को विराजमान करने का हुलासमल पारख परिवार रामगंजमंडी, प्राचीन क्षेत्रपाल भेरूजी को विराजमान करने का जितेन्द्र कुमार बापना बैंगलोर, सच्चिया माता को विराजमान करने का हुलासमल पारख परिवार रामगंजमंडी, भोमिया को विराजमान करने का हुलासमल पारख परिवार रामगंजमंडी, चक्रेश्वरी देवी को विराजमान करने का ज्ञानचंद सुरेन्द्र रवि बापना परिवार रामगंजमंडी ने लाभ लिया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
