मेहनत और संघर्ष करने से जो सफलता प्राप्त होती है उसका आनंद कुछ और ही होता है – मुनिश्री प्रणम्य सागर जीपंचकल्याणक महोत्सव के अयोध्या नगरी पंडाल में उमडा महिला पुरुषों का सैलाब
सिंगोली
:-मेवाड़ प्रान्त की धार्मिक नगरी सिंगोली में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य अर्हम योग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससघ के सानिध्य में 2 अप्रैल से 7 अप्रैल तक नगर के सकल जैन समाज द्वारा भव्य पंचकल्याणक महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दौरान मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शुरुआत अच्छी हो तो अंत भी अच्छा होता है, प्रारंभ मंगल है तो अंत भी मंगल है जिस प्रकार बोरखेड़ा से सिंगोली के विहार में, सिंगोली अब समस्त मेवाड़ प्रान्त के सर्व समाजजन जब इस कार्य में लग गए तो यह कार्य भी मंगल हो गया अर्थात् जब सभी पुण्य आत्मा जीव जिस कार्य में लग जाते है तो वह कार्य अवश्य मंगल होता है।
महाराज श्री ने कहा कि इस मेवाड़ प्रान्त के पंच कल्याणक से मेवाड़ में ही नहीं अपितु सर्व देश में मंगल होगा, प्रभाव आयेगा। आप के भावों से जितने जिसके भाव अच्छे होंगे उतना ही अच्छा होगा।
गुरुवर ने आगे कहा कि अगर आपके जीवन में मेहनत, संघर्ष नहीं होने पर भी यदि सफलता मिल भी जाती है तो कोई मजा नहीं आता लेकिन मेहनत और संघर्ष करने से जो सफलता प्राप्त होती है उसका आनंद कुछ और ही होता है। जो फल सहित होता है वह सफल हैं।
जिस प्रकार किसान मेहनत कर के फल को प्राप्त करता है उसी प्रकार हमे भी करना चाहिए़।


मंगल प्रवचन के दौरान विधि नायक भगवान का सौभाग्य स्व. कंचन बाई, धापू बाई, नंदलाल, चांदमल, सूरजमल, पदम, सुरेश, पारस, कैलाश एवं समस्त बगड़ा परिवार को सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस दौरान सिंगोली सहित कोटा, भीलवाड़ा, बूंदी, बिजौलिया, माड़लगढ़, बोराव, रावतभाटा, महुआ मानपुरा, थड़ोद, झांतला, धनगांव आदि गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में जैन समुदाय के महिला पुरुष एवं युवक युवतियां, श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे।


पंच कल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष भरत जैन एवं संरक्षक पारस हरसौरा, पारस जैन ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 04 अप्रैल को प्रातः 05:45 बजे जाप, आराधना, मंगलाष्टक अभिषेक, शान्ति धारा, नित्य पूजन, प्रातः 08:24 बजे तीर्थंकर प्रभु का जन्म, जन्म की बधाईयां, शची इंद्राणी द्वारा तीर्थकर प्रभु के प्रथम दर्शन, प्रात: 8:50 बजे मुनिश्री का मंगल प्रवचन, प्रातः 10 बजे जन्मकल्याणक शोभायात्रा, दोप. 12 बजे पाण्डुक शिला पर तीर्थंकर प्रभु का जन्माभिषेक (सौधर्म इंद्र, धनपति कुबेर इन्द्र द्वारा), दोप. 02:30 बजे तीर्थकर बालक श्रृंगार, दोप. 03 बजे मुनिश्री के मंगल प्रवचन, सायं 07 बजे मंगल आरती, सायं 7:30 बजेशास्त्र सभा (प्रतिष्ठाचार्य द्वारा), रात्रि 08 बजे सौधर्म सभा, आनन्द उत्सव (तांडव नृत्य), पालना, बालक्रीड़ा आदि कार्यक्रम बड़े उत्साह और भक्तिभाव से आयोजित किए जाएंगे। संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
