श्री अशोक पाटनी आरके मार्बल को नौगामा जैन समाज ने “धर्म चक्रवर्ती” की उपाधि से किया अलंकृतभामाशाह रूप में सेवा-साधना, देशप्रेम एवं धर्मनीति को मिला सम्मान
नौगामा।
वागड़ अंचल सहित सकल जैन समाज की भावनाओं के अनुरूप, नौगामा जैन समाज द्वारा आदिनाथ जयंती के पावन अवसर पर लिए गए निर्णय के अनुसार समाजसेवी एवं भामाशाह, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के कृपापात्र व परम मुनि भक्त अशोक पाटनी आरके मार्बल को “धर्म चक्रवर्ती” की उपाधि से अलंकृत कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उनके दीर्घकालीन धर्मसेवा, समाजहित एवं राष्ट्रहित में दिए गए उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी योगदान के लिए प्रदान किया गया।दिगंबर जैन समाज, सुखोदय अतिशय क्षेत्र नौगामा की ओर से आयोजित इस गरिमामयी समारोह में समाज के प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति में अशोक जी पाटनी को अभिनंदन पत्र एवं उपाधि प्रदान की गई।

समाज के महासचिव श्रीपाल जैन (आर्किटेक्ट) ने अभिनंदन पत्र का वाचन करते हुए कहा कि—“धर्मराज युधिष्ठिर की भाँति धर्मनीति पर चलते हुए तथा धर्मशास्त्रों और गुरुओं द्वारा बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए अशोक जी पाटनी जन-जन के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।”
अभिनंदन पत्र में उल्लेख किया गया कि कोरोना काल जैसे कठिन समय में पाटनी परिवार ने सरकार को आर्थिक सहयोग प्रदान किया, वहीं बाढ़ जैसी आपदाओं में बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराकर मानवता की मिसाल प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त देशभर में संचालित गोशालाओं में उदारतापूर्वक दान देकर जीवदया की परंपरा को सुदृढ़ किया।

जैन समाज द्वारा संचालित शिक्षण संस्थान, चिकित्सालय, व्रती आश्रम, ब्रह्मचारी आश्रम एवं वृद्धाश्रम जैसे अनेक संस्थानों के संचालन एवं विकास में भी पाटनी परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा है।
समाजजनों ने बताया कि अशोक जी पाटनी, सुरेश जी पाटनी एवं विमल जी पाटनी ने पंचमकाल के कुबेर इंद्र के समान अद्वितीय दानशीलता का परिचय देते हुए देशभर में विभिन्न तीर्थ क्षेत्रों एवं जिनालयों के निर्माण में मुक्तहस्त सहयोग प्रदान किया है।
वागड़ क्षेत्र में उनके विशेष योगदान का उल्लेख करते हुए बताया गया कि चाहे वीरोदय तीर्थ हो अथवा क्षेत्र के अन्य जिनालय, सभी स्थानों पर पाटनी परिवार ने पुण्यार्जन के साथ सक्रिय सहभागिता निभाई है।
मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के आशीर्वाद से सुखोदय तीर्थ क्षेत्र नौगामा में निर्माणाधीन भव्य मुनि सुव्रतनाथ मंदिर के लिए सवा पंद्रह फीट ऊँची श्यामवर्ण पद्मासन प्रतिमा हेतु विशाल पाषाण की आवश्यकता थी, जो लंबे समय तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में पाटनी परिवार ने अपने अथक प्रयासों से उक्त पाषाण उपलब्ध करवाकर निर्माण कार्य को गति प्रदान की।
इस कार्य में अशोक जी पाटनी जी के साथ ही सुरेश जी पाटनी जी की भी प्रतिमा हेतु पाषाण उपलब्ध कराने में विशेष भूमिका रही हे, जिसे समाज सदैव स्मरण रखेगा।समाज ने इस कार्य को उनकी अटूट श्रद्धा, दृढ़ निष्ठा एवं समर्पित सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उनके इस योगदान से नौगामा में भव्य मंदिर में प्रतिमा स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में धार्मिक आस्था एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है।अंत में समाजजनों ने एक स्वर में कहा कि अशोक जी पाटनी को “धर्म चक्रवर्ती” की उपाधि प्रदान करना उनके महान कार्यों के प्रति सम्मान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है।यह जानकारी समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली एवं प्रवक्ता सुरेश गांधी ने दी।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रदीप पिंडारमिया, राजेश पिंडारमिया, केसरीमल पंचोली, जीतमल पिंडारमिया, जयन्तिलाल गांधी, नरेश पिंडारमिया एवं हंसमुख गांधी सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
