अहो आश्चर्य!आज का आदमी अपने जीवन को बढ़ाना चाहता है..लेकिन सुधारना नहीं चाहता..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
/मुगांना राजस्थान
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज की अहिंसा संस्कार पदयात्रा दीक्षा भुमी परतापुर बांसवाड़ा राजस्थान की और चल रही है उसी श्रुंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि रोज-रोज आयु कम होते जा रही है, और आदमी निश्चिन्त होकर टाइम पास कर रहा है। अब समझदारी इसी में है कि कम समय में अधिक और सार्थक काम कैसे किया जाए-? इस बात का चिन्तन करना चाहिए।
हमारे पास करने के लिए इतना काम है कि शायद इस एक जीवन में सब पूरा भी न हो सके -आप इस दिशा में कदम बढायें जिससे कार्य करने की क्षमता भी बढ़े और कम समय में अधिक काम भी सम्पन्न हो सके।जब आप अपने लक्ष्य, कार्य की गुणवत्ता, और समय-सीमा पहले ही निश्चित कर लेते हैं, तो अनावश्यक मेहनत और समय की बर्बादी से बच जाते हैं।कार्य को सम्पन्न करने के लिए संवाद करें, विवाद नहीं। संवाद के समय विचारों का आदान प्रदान बड़े प्रभावी ढ़ंग से करें, लेकिन अहंकार को घुसने नहीं दें।

आप स्वयं तय करें कि किसी विशेष कार्य को कितना समय देंगे, और उसी पर कायम रहेंगे। यह सुनिश्चित नहीं करता कि काम पूर्ण हो ही जायेगा, लेकिन यह ध्यान रहेगा कि इसे पूरा करना है।
एक समय में एक ही काम पर फोकस करें..
क्योंकि बिखरी हुई ऊर्जा परिणाम नहीं देती, और एकाग्र प्रयास असम्भव को भी सम्भव बना देता है…!!!आज यह अहिंसा संस्कार पदयात्रा दिशा: मुंगाना, पारसोला, घाटोल,बांसवाडा,परतापुर, गढी, बागीदोरा, नोगामा, अंद्वेश्वर पार्श्वनाथ, कुशलगढ राजस्थान की ओर बढते गुरुचरण परम पूज्य गुरुदेव भारत गोरव विश्व के सर्वश्रेष्ठ तपस्वी उत्तम सिंह निष्क्रिडित व्रत्तकर्ता अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागरजी महाराज जी चतुर्विघ संघ का भव्य मंगल पद विहार दिनाँक. 15 मार्च 2026, रविवार, सुबह 6.00 बजे राजकीय उच्च माध्यमिक विघालय, जोलार जिला- प्रतापगढ़ से श्री आदिनाथ तीर्थ शरणम् दिगम्बर जैन मंदिर, मुंगाना जिला प्रतापगढ़, राजस्थान
18 किलोमीटर के लिए होगा। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
