गुरुदेव, बार-बार यह मत कहिए कि मैं मंत्री हूँ, मैं आपका शिष्य हूँ; आप आदेश दीजिए, वह सहायता सरकार प्रदान करेगी: नामदार छगन भुजबल

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गुरुदेव, बार-बार यह मत कहिए कि मैं मंत्री हूँ, मैं आपका शिष्य हूँ; आप आदेश दीजिए, वह सहायता सरकार प्रदान करेगी: नामदार छगन भुजबल

औरंगाबाद/। नमोकार तीर्थ

नमोकार तीर्थ में पंचकल्याणक महोत्सव का समापन; हुआ एवम 12 दिवसीय महामस्तकाभिषेक समारोह का उत्साहपूर्वक प्रारंभ हो गया नासिक जिले के चांदवड तालुका के मालसाने में स्थित नमोकार तीर्थ केवल एक ऐतिहासिक क्षेत्र या पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह वास्तव में मानवता के लिए एक पवित्र स्थान है।यह एक ‘धार्मिक विश्वविद्यालय’ है। गुरुदेव, मुझे मंत्री मत कहिए, मैं आपका शिष्य हूँ। बस आदेश दीजिए, नमोकार तीर्थ के लिए आप जो भी सहायता मांगेंगे, मैं प्रदान करूँगा। यह उदगार महाराष्ट्र राज्य के जल आपूर्ति मंत्री नामदार छगन भुजबल ने नमोकार तीर्थ में आयोजित ‘पंचकल्याणक महोत्सव’ के दौरान व्यक्त किए। आचार्य श्री की अमृतवाणी भक्ति जागृत करती है।

 

 

 

महोत्सव के अमूल्य क्षणों में गणधिचार्य कुंथुसागरजी महाराज और राष्ट्रसंत देवनदीजी महाराज तथा अमोघ कीर्तिजी और अमर कीर्तिजी अपने अमृत प्रवचनों के माध्यम से विश्व शांति और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया।

 

मोक्षकल्याणक अनुष्ठान के समापन के बाद भव्य महामस्तकाभिषेक समारोह का प्रारंभ हुआ। 13 फरवरी से 25 फरवरी तक चलने वाला भव्य महामस्तकाभिषेक कार्यक्रम शुरू हो गया है। सबसे पहले, प्रथम महामस्तकाभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले का बहुमान कलश आवंटन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालालजी हपावत और प्रितेश शाह ने पालसदेवकर परिवार का स्वागत किया। सबसे पहले, दोनों परिवारों द्वारा घोड़े से खींची जाने वाली पालकी में जुलूस निकाला गया। इन अभूतपूर्व क्षणों में भगवान की स्थापना, कलश स्थापना और ध्वजारोहण समारोह भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुए।

 

 

विकास के साथ-साथ संस्कृति का संरक्षण भी आवश्यक है। नामदार छगन भुजबल

नामदार भुजबल ने आगे कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले सप्ताह इस क्षेत्र के विकास का आश्वासन दिया था। इस भौतिक विकास के साथ-साथ हमारी आध्यात्मिक संस्कृति और नैतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी आवश्यक है।”

उन्होंने कहा यह तीर्थयात्रा विश्व को शांति का संदेश देने का केंद्र बनेगी। इस अवसर पर, नामदार छगन भुजबल के हाथों गणधिचार्य कुंथुसागरजी महाराज को विशेष सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस सम्मान प्रमाण पत्र को आचार्य देवनदीजी महाराज ने पढ़कर सुनाया।इस ऐतिहासिक अवसर पर मंच पर और कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे: जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष पेंढारी, संयोजक नीलम अजमेरा, सुमेर काले, दिनेश सेठी, कमल ठोलिया, संतोष काला, अनिल जामगे।

भूषण कासलीवाल, पारस लोहाड़े, महावीर गंगवाल, पवन पाटनी, विजय लोहाड़े, ललित पाटनी, चन्द्रशेखर कासलीवाल, वर्धमान पांडे,पूनम संचेती, रिंकू कासलीवाल, सोनल दगड़े। मौजूद रहे।

 

विशेष उपस्थिति: आयोजन में विशेष उपस्थिति बालब्रह्मचारी वैशाली दीदी, जयश्री दीदी, सुमन दीदी।

आयोजन समिति: प्रदीप थोले, रवि पहाड़े, विनोद लोहाड़े, अमित कासलीवाल, विनोद पाटनी एवं सभी ट्रस्टी की रही।

नरेंद्र अजमेरा पीयूष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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