राष्ट्रसंत पुलकसागर ने योगेंद्रगिरि तीर्थ एवं शांतिसागर स्मारक स्थली का किया अवलोकन आचार्य श्री ने किया ‘सन्मति सुनील सागराय’ एवं ‘राष्ट्रसंत पुलक सागर निलय’ का लोकार्पण

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..राष्ट्रसंत पुलकसागर ने योगेंद्रगिरि तीर्थ एवं शांतिसागर स्मारक स्थली का किया अवलोकन आचार्य श्री ने किया ‘सन्मति सुनील सागराय’ एवं ‘राष्ट्रसंत पुलक सागर निलय’ का लोकार्पण

 सागवाड़ा।राष्ट्रसंत आचार्य पुलकसागर महाराज ससंघ ने शुक्रवार को योगेंद्रगिरी तीर्थ एवं आचार्य शांतिसागर स्मारक स्थली का अवलोकन किया। आचार्य श्री के सानिध्य में आचार्य सन्मति सुनील सागराय निलय एवं नवनिर्मित राष्ट्रसंत पुलक सागर निलय का लोकार्पण किया गया।

राष्ट्रसंत के सागवाड़ा प्रवास के उपलक्ष्य में नवनिर्मित निलय का नामकरण राष्ट्रसंत पुलक सागर निलय रखा गया है। इस निलय में पांच कमरों का निर्माण किया गया है। निलय निर्माण में 41 लाख की धनराशि खर्च हुई है। निर्माण हेतु सागवाड़ा समाज द्वारा नरेंद्र खोडनिया की पुत्री हेमल मनीष कोठारी परतापुर परिवार और राष्ट्रसंत आचार्य श्री के सागवाड़ा पधारने के उपलक्ष्य में खोडनिया परिवार द्वारा दान देने की घोषणा की गई। नये निलय के कक्ष का दानवीर नरेश भंडारी ने रिबन काट कर उद्घाटन किया।

 

 

 

 

जैन समाज के अध्यक्ष दिनेश खोड़निया, सागवाड़ा के सेठ महेशनोगामिया, धनपाल शाह सरोदा, ट्रस्टी संतोष, दिनेश, रिनेश, राजू काका,कन्हैयालाल मेहता, नरेंद्र खोडनिया, महेन्द्र शाह, महासचिव साधना कोठारी, नरेंद्र मुंगेड, दिनेश जांगा, निकुंज वखारिया, मिनेश शाह, संजय सारगिया, यश सारगिया, कोषाध्यक्ष विपिन दोसी, राजेंद्र डेचिया, सुमित खोडनिया, हीरेन खोडनिया, आदिश खोड़निया, ऊषा खोडनिया, सुनीता सारगिया, रागिनी कोडिया, हितेन्द्र शाह, भव्य डेचिया सहित श्रद्धालु उपस्थित थे

 

सागवाड़ा किसी तीर्थ क्षेत्र से कम नहीं : पुलक सागर

राष्ट्रसंत पुलकसागर महाराज ने दोनों निलय के लोकार्पण के बाद समारोह में कहा कि सागवाड़ा की धरा किसी तीर्थ से कम नहीं है। यहां जैन समाज की हजारों साल प्राचीन धरोहरों के दर्शन के बाद महसुस हो रहा है कि सागवाड़ा नगरी किसी तीर्थ से कम नहीं है। यहां के विशाल सात दिगम्बर जैन मंदिर नसियाजी योगेंद्रगिरी ये सभी अतिशयकारी है।

 

 

   संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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