चांदखेडी पंचकल्याणक: भूतो न भविष्यति
भगवान का जन्मकल्याणक, भव्य शोभायात्रा, जन्माभिषेक एवं पिच्छिका परिवर्तन महोत्सव सपन्न
चांदखेडी
विश्व प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र चांदखेडी मे संतशिरोमणी आचार्य भगवान् विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि पुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज एवं प. पू. मुनि श्री 108 प्रसाद सागर जी महाराज सहित कुल 9 मुनिराजो के ससंघ सानिध्य मे श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मे शुभ मुहूर्त प्रातः 7:38 बजे बालक आदिनाथ का जन्म हुआ। अयोध्या नगरी के साथ साथ देवलोक मे भी सौधर्म इन्द्र सहित तीनो लोको मे बधाईया गाई गयी। तत्पश्चात स्वयं शचि इन्द्राणी ने माता के गर्भगृह मे जाकर अपनी शक्तियो के प्रभाव से आभासी बालक कुमार को माता के पास सुलाकर सौधर्म इन्द्र को देती है। सौधर्म इन्द्र नगर मे बालक के जन्म की भव्य शोभायात्रा निकालते है। वहा से लौटकर फिर पाण्डुक शिला पर ले जाकर बालक आदिनाथ का 1008 कलशो से जन्माभिषेक किया गया। प्रथम जन्माभिषेक कलश करने का सौभाग्य श्री महेन्द्र जी-श्री मति आशारानी जैन, अमेरिका निवासी को प्राप्त हुआ। रात को बालक आदिनाथ को पलना झुलाई की रस्म की गई। वही शुक्रवार को बालक आदिनाथ को वैराग्य होगा एवं दीक्षा होगी। व तप कल्याण के रूप में मनाया जाएगा। साथ ही राजा श्रेयांस को मुनि आदिनाथ को ईक्षु रस से प्रथम आहार का पुण्य अवसर प्राप्त होगा।

*हाडौती की सबसे ऐतिहासिक शोभायात्रा चांदखेडी मे*
मध्यप्रदेश से पधारे अद्भुत रंगोली कलाकार पलक झपकते ही प्रभु की शोभायात्रा के आगे मनमोहक रंगोलिया बनाते हुए सबसे आगे चल रहे थे। और फिर स्थानीय एवं भारत के प्रसिद्ध बड़नगर एवं उदयपुर के सैमारी बैण्ड की धुनो पर सैकड़ो श्रद्धालु नाचते गाते हुए भक्तिमय माहौल मे झूमते गाते चल रहे थे। खानपुर जैन समाज के कार्यकर्ता, महिलाए, बालक- बालिकाएं अपनी अपनी निर्धारित मंडल वेशभूषा मे नृत्य कर रहे थे। बिजौलिया का सैन्य बैण्ड एक बेहद आकर्षक का केन्द्र रहा। सैना की सभी टुकडिया अपने अपने सैना प्रमुखो के निर्देशानुसार परेड कर रहे थे। जीप मे सवार होकर अष्टकुमारिया, चार जयघोष पर चार राज्यो की वेशभूषा मे महिलाए 51 कलशो को सिर पर लेकर, 21 बग्गियो पर सभी इन्द्र इन्द्राणी एवं गजराज पर सवार होकर सौधर्म इन्द्र बालक आदिनाथ को गौद मे बिठाकर, धनपति कुबेर रत्न वर्षा करते हुए एवं महायज्ञनायक सपरिवार बैठकर शोभायात्रा झूमते हुए चल रही थी। गाजो बाजो के साथ एक किलोमीटर से अधिक लम्बी शोभायात्रा खानपुर के मुख्य मार्गो से होकर निकली। एसी शोभायात्रा आज तक हाड़ौती मे ना कभी निकली ना निकलेगी। सेठ किशन दास मडिया जी झांकी चांदखेडी वाले बाबा बैलगाड़ी मे बैठाकर बारापाटी पाडाखो से ले जाते हुए साथ मे चल रही थी। इस अभूतपूर्व शोभयात्रा का समस्त व्यापारिक संगठनो ने अभूतपूर्व स्वागत किया।


शाम को देवशास्त्र गुरू की महाआरती के पुण्यार्जक परिवार जन ने गजराज पर सवार होकर श्रीजी की आरती की। शोभायात्रा मार्ग गेस्ट हाऊस से पुराने स्टेट बैंक होते हुए अटरू चौराहे से होकर चांदखेडी स्थित अयोध्या नगरी पहुँची। सौधर्म इन्द्र ने बालक को पाण्डुक शिला पर ले जाकर 1008 कलशो से अभिषेक किया।
पिच्छीका परिवर्तन सम्पन्न

दोपहर मे मुनि पुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज एवं प. पू. मुनि श्री प्रसाद सागर जी महाराज ससंघ सभी 9 मुनिराजो का पीछी परिवर्तन समारोह मनाया गया। ज्येष्ठ मुनि श्री को नयी पीछी देने का सौभाग्य महामंत्री श्री नरेश बैद को प्राप्त हुआ। और पुरानी पीछी प्राप्त करने का सौभाग्य श्री ऋषभ-श्रीमति हीरा जी जैन सागर रात्रि को प्राप्त हुआ। सागर के युवा मंडल ने सभी नवीन पिच्छीका तैयार की। एवं अशोक नगर के दल ने वर्ष 2002 से आज तक मुनि श्री द्वारा भूगर्भ से प्रतिमा को निकालने से लेकर गर्भगृह विस्तार की भव्य लाईव झाकियो के माध्यम से प्रस्तुति दी। एवं सांस्कृतिक संध्या मे बालक आदिनाथ की पलना झुलाई की रस्म की गई। कार्यक्रम का लाईव प्रसारण पारस, जिनवाणी, सुधाकलश, आदिनाथ एवं सभी मुख्य चैनल पर हो रहा है। यह जानकारी क्षेत्र अध्यक्ष हुकम काका एवं भगवान स्वरूप जैन देवरी, कैलाश भाल, महावीर जैन कालू, प्रशांत जैन, योगेश जैन जीवदया ने दी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
