परिस्थितियां हमारे लिए समस्या नहीं बनती.. बल्कि समस्या तब बनती है, जब हम निष्क्रीय होकर परिस्थितियों का हिम्मत से सामना नहीं करते..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
जयपुर राजस्थान
अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि हमने अनुभव किया है कि श्रम और नसीब से सफलताओं के चरम पर पहुंच सकते हैं। आज जीवन एक जटिल अनबूझ पहेली सा बन गया है। समस्याओं का तो अंबार सा लग गया है। चारों तरफ से उलझन, टेन्शन, परेशानी और निराशा साथ नहीं छोड़ रही है। जीवन जीने के प्रति अरूचि सी बढ़ रही है। हम कैसे इन स्थितियों से बचें-?
उन्होंने कहा मित्रो – ऐसी कोई रात नहीं जिसकी सुबह ना हुई हो। समस्याओं से बचने के लिये कुछ बातें —
हमारा लक्ष्य क्या है ?
हम क्या चाहते हैं-?
हमारी दिशा और प्रयास क्या है सफलता के लिए-?
हम क्या करते हैं और क्या कर सकते हैं-? इस दूरी को समझकर मिटाना ही समस्या का समाधान है।हमारी निष्क्रियता और अकर्मण्यता ही हमारे जीवन का गणित बिगाड़ती है।
हमारे पास विवेक, बुद्धि, समझ, ज्ञान, और शक्ति मौजूद है। हम अपनी क्षमताओं से अनभिज्ञ है, इसलिए जीवन समस्या के बोझ से भार सा बनता जा रहा है।आवश्यकता है हम अपनी क्षमताओं को जानें, पहचानें और सुसुप्त क्षमताओं को जागृत करें। हमारी आज की जागरुकता, क्रियाशीलता, और छोटा सा एक प्रयास आने वाले कल के लिए सुखद भविष्य एवं समृद्ध विरासत के लिएसृजनशीलता का निर्माण कर सकेगा…!

!! आज परम पूज्य गुरुदेव अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज जी ससंघ का भव्य मंगल 👣 पद विहार दिनाँक 19 जनवरी 2026, सोमवार सुबह 7.15 बजे बी-4.,गांधीनगर,जयपुर से दिगम्बर जेन मंदिर जनकपुरी, ओपोजिट ज्योति नगर, जयपुर 3.5 किलोमीटर के लिए हुआ
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312





