बुजुर्गों की सेवा करते रहो, उनकी छाया में जीवन संवरता है: आचार्य श्री पुलक सागर महाराज
डूंगरपुर
राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य 108 पुलक सागर गुरुदेव का शहर के अस्पताल चौराहा से गाजे बाजे के साथ भव्य मंगल प्रवेश महावीर नगर में हुआ। गुरुवार को सुबह 9 बजे प्रवेश के बाद आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत, जिन शरणं ट्रस्टीज ने चित्र अनावरण व दीप प्रज्वलित करके की। कार्यक्रम में श्री महावीर दिगंबर न्यास मंडल के पदाधिकारी व साधु सेवा समिति डूंगरपुर ने आचार्य को शास्त्र भेंट कर चरण प्रक्षालन किया।




आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचन में उपस्थित सभी श्रावक-श्राविकाओं को आशीर्वाद प्रदान किया व नूतन वर्ष 2026 के लिए जैन समाज के उत्थान के दिशा-निर्देश दिए। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहाकि संत आए तो उनका स्वागत करना, ठहरते है तो व्यवस्था करना, जा रहे तो रोकना नहीं चाहिए। क्योंकि संत सरल स्वभावी होता है, सरिता जित की तरह सदैव बहता रहता है, यदि पानी एक जगह रुक जाता है तो वह पानी सड़ जाता है, जो सरिता बहती है वह निर्मल रहा करती है।
आचार्य ने कहा कि समाज में बड़े बुजुर्ग यदि होते हैं तो उनका सहयोग और साया उस बूढ़े पेड़ की तरह होता है जोफल नहीं देगा पर छाया जरुर देगा उसी तरह घर में भी बुजुगों की सेवा करते रहो, बुजुर्गों की छाया में ही जीवन संवरता है। संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

