जीवन का दूसरा नाम संघर्ष :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी
जयपुर
प. पू. भारत गौरव गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ससंघ का अल्प प्रवास हवासड़क, जयपुर में चल रहा है। पूज्य आर्यिका श्री के सान्निध्य में श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर सिविल लाईन, जयपुर में श्री अजितनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव सानंद पूर्वक मनाया गया। प्रभु भक्तों ने भक्ति भावों के साथ भगवान के चरणों में अर्घ्य समर्पित किए। निर्वाण लाडू चढ़ाकर जयकारों का जयघोष किया गया।
तत्पश्चात् प्रवचन सभा का भव्य आयोजन हुआ। माताजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि – जीवन का दूसरा नाम संघर्ष है। बिना संघर्ष के जीवन में कोई आनंद नहीं। क्योंकि मनुष्य का स्वभाव ही बन चुका है कि जो वस्तुए बिना संघर्ष के प्राप्त होती है उनकी कीमत कम होती है और संघर्ष पूर्वक प्राप्त की गई सफलता का आनंद कुछ अलग ही महसूस होता है।
पूज्य गुरूमां की आहारचर्या गुरुभक्त सुरेन्द्र सुभाष पाटनी सपरिवार ने सौभाग्य प्राप्त किया। बृजेन्द्र जैन अलवर वाले, सन्मत पाटनी, धर्मचन्द पहाड़िया, सुरेश जैन जयपुर ने पूज्य गुरूमाँ का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया ।
