है ना आश्चर्य की बात-?कुछ लोग आपके जैसा बनना तो चाहते हैं, लेकिन वो आपको पसंद नहीं करते है ना आश्चर्य जनक औरंगाबाद/

धर्म

है ना आश्चर्य की बात-?कुछ लोग आपके जैसा बनना तो चाहते हैं, लेकिन वो आपको पसंद नहीं करते है ना आश्चर्य जनक औरंगाबाद/दिल्ली।         

अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज अहिंसा, साधना और संस्कार के प्रतीक – साधना महोदधी अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज को राजस्थान सरकार द्वारा राजकीय अतिथि का दर्जा भारत की राजधानी दिल्ली से राजस्थान की ओर विहाररत, अपने तेजस्वी तप, अमोघ वाणी और सेवामय साधना से समाज का मार्ग आलोकित करने वाले साधना महोदधी अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज को राजस्थान सरकार द्वारा “ राजकीय अतिथि” घोषित किया जाना न केवल संत समाज के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

 

 

 

 

आचार्य श्री, जो “ हर मास एक उपवास” जैसे अनूठे अभियान के प्रणेता हैं, ने अपने साधना काल में सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कार — इन चारों दिशाओं में समाज उत्थान के असंख्य कार्य किए हैं। दिल्ली में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि हर स्थिति में हमारे पास दो विकल्प होते हैं – शुभ करे या अशुभ, अच्छा करे या बुरा, बस यहीं से हमारी किस्मत बनना शुरू होती है। हम जो रास्ता चुनते हैं उसके अनुसार ही हमें उसका फल मिलता है। जब हम स्वयं पर भरोसा करते हैं, तो जीवन में परिवर्तन आना शुरू हो जाता है। जब हम पूरी जिम्मेदारी से अपने फैसले लेते हैं और अपने कार्य पर फोकस करते हैं तो वह भरोसा हमें सुकून और शान्ति की ओर ले जाता है और आत्म विश्वास से भर देता है। बेहतर बदलाव की कामना बिना भरोसे पूरी नहीं हो सकती।

 

 

 

 

 

किसान खेत में बीज डालता है और भरोसा करता है कि इस बार की फसल हर बार से बेहतर आयेगी। बोए हुए भरोसे के बीज जब धीरे धीरे बढ़ते हैं, तब मन के डर, कई तरह के डरों को दूर कर देते हैं। भरोसा करना है या नहीं, यह एक चुनाव है, एक अभ्यास है, जो हमें नई सम्भावनाओं और अवसरों की ओर ले जाता है। हमारे जीवन में बहुत सी कठिनाइयों और परेशानियों का मूल कारण है विश्वास की कमी, या यूं कहें कि – हमें स्वयं पर विश्वास करने से डर लगता है, खासकर खुद पर।

 

 

 

 

आत्म विश्वास दुनिया की सबसे बड़ी औषधि और सफलता है…!!! परम पूज्य गुरुदेव अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज जी ससंघ का विहार दिनाँक 7 जनवरी 2026, बुधवार सुबह 7 बजे आध्यात्म साधना केन्द्र, छतरपुर टेम्पल रोड, डाक्टर अम्बेडकर कॉलोनी, छतरपुर,जिला-महरोली नई दिल्ली 110074 से श्री 1008 मल्लिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर D.L.F. सेक्टर 43,गुरुग्राम, हरियाणा11.5 किलोमीटर के लिए होगा।

                   

नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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