विश्वास में ही श्रद्धा भक्ति भाव निहित होता हैं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज

धर्म

विश्वास में ही श्रद्धा भक्ति भाव निहित होता हैं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज
डोंगरगढ़
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने अपने उद्बोधन में विश्वास और श्रद्धा के महत्व को समझाया।

 

उन्होंने कहा की विश्वास बहुत महत्वपूर्ण है चाहे वह आपके रिश्ते में हो या धर्म में अच्छे-बुरे; आपकी रुचि जैसे कार्य में होगी तो वैसा ही फल मिलेगा। उसके अनुरूप ही उसका फल आपक मिलेगा। उन्होंने कहा जब तक विश्वास होता है सब कुछ ठीक लगता है विश्वास में ही श्रद्धा भक्ति भाव निहित होता है। विश्वास मेंजहां कमी होती है वहां पर अरुचि होने लगती है। उसमें हमारा मन नहीं लगता है ध्यान इधर-उधर भटकता है। ओर जिसमें हमारी रूचि होती है वहां चाहे दिन हो या रात मन लगा रहता है।

पूज्य श्री ने अणुव्रत व महाव्रत के विषय में समझाया और दोनो को महत्वपूर्ण बताया उन्होंने कहा की अणुव्रत व महाव्रत दोनों महत्वपूर्णहै। अणुव्रत का पालन आप लोग करते हैं। और  महाव्रत का पालन महाव्रती करते हैं। कुछ लोग पूछते हैं महाराज  अणुव्रत को तोड़ सकते हैं या यह किसी कारण टूट जाए तो क्या करें, जिसमे रूचि होती है वहांचाहे वह छोटा (अणुव्रत) हो या बड़ा(महाव्रत) हो वह हर पल उसका ध्यान रखता  है और वह उसका विवेक और उत्साह पूर्वक पालन
करता है और यदि अणुव्रत टूटता है, तो उसका टूटने का कारण क्या है क्यों टूटा इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है।

 

आचार्यों ने बताया है कि व्रतों काउत्साह पूर्वक अपनी शक्ति अनुरूपपालन करना चाहिए जिससे उसमेंरुचि बढ़ती रहे और मन शांत रहे। एक उदाहरण से बताया की जिस प्रकार एक गीतकार अपने सुर का ध्यान रखता है कि कहां ऊंचा लेना है और कहा नीचा लेना है, वह अपने गीत के माध्यम से अकेले ही भक्ति करने में सक्षम होता है। एकऔर व्यक्ति उस गीतकार के साथमृदंग (तबला) बजाने के माध्यम सेजुड़ना चाहता है तो गीतकार कहता है कि यदि तुमने कुछ आगे पीछे बजा दिया तो मेरा गीत गड़बड़ हो जा जाएगा तो तबला बजाने वाला कहता है कुछ गड़बड़ नहीं होगी।

उन्होंने आगे कहा की मोक्षमार्गी को अपना अटूट आत्मविश्वास रखना सी चाहिए। हमे सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान औरसम्यग्चारित्र को मोक्षमार्ग मेंआवश्यक मानना चाहिए। मोक्षमार्गी को अपना अटूट आत्मविश्वास इसपर बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने अंत में सभी को धन्यवाद देते हुए कहा की लोगों ने इतने अच्छे से मोक्षमार्ग के बारे में सुना इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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