मैं वो वक्त नहीं हूं जो किसी के पास ना हो..मैं वो वक्त हूं जो सबके पास एक समान है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
औरंगाबाद/गाजियाबाद –
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पीयूष सागरजी महाराज ससंघ तरुणसागरम तीर्थ पर विराजमान हैं उनके सानिध्य में वहां विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो रहें हैं उसी श्रुंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि संसार में सिर्फ एक चीज का ही समान बंटवारा है-? वह है समय”। गरीब हो या अमीर, सन्त हो या फकीर, राजा हो या रंक, देश हो या विदेश सबके पास 24 घन्टे ही होते हैं।
यदि कोई कहता है कि मेरे पास समय नहीं है, या कोई कहता है मेरे पास तो समय ही समय है तो दोनों के कथन में दोष है।समय सबके पास है परन्तु किस समय क्या करना है, ये किसी को पता नहीं है।अक्सर हमारा समय यह सोच-विचार में निकल जाता है कि आज करना क्या है-? आज सबके पास दो घड़ी है – एक मोबाइल में और एक हाथ में, फिर भी समय का बोध नहीं है। किसान और मजदूर बिना घड़ी के अपना काम समय पर सम्पन्न करते हैं। आप तो पढ़े लिखे समझदार इन्सान हो, फिर क्यों समय के मूल्य से अनभिज्ञ हो-?



हमारे रोजमर्रा की ज़िन्दगी में रोज सुबह उठना, ऑफिस या कॉलेज जाना, भोजन करना, बाकी कार्य को निपटाना ये स्वतः ही चल रहे होते हैं। 
हम वहां रूक जाते हैं जहां हमारा मन खाली हो जाता है। हम टी.वी ओन करते हैं, या मोबाइल पर कुछ कुछ देखते है, यूं ही खिड़की के पास खड़े होकर बाहर देखने लग जाते हैं, और देखते देखते वक्त गुजरते जाता है, जिसे हम अपनी भाषा में कहते हैं – टाइम पास। यदि लक्ष्य का निर्धारण हो तो समय खुद-ब-खुद निकल आता है। अन्यथा टाइम हमको रोज पास कर रहा है। इसलिए रोज अपना लक्ष्य बनायें और समय के साथ कदमताल कर जीना शुरू करें…!!!
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

