किशनगढ़ में प्रवास कर रहे हैं प्रख्यात जैन संत आदित्य सागर महाराज, नए साल में 3 जनवरी को एक दिन के लिए अजमेर आगमन होगा युवाओं को जीवन मंत्र? आदित्य सागर बोले- नकारात्मकता को कहें ॐ इग्नोराय नमः’

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• किशनगढ़ में प्रवास कर रहे हैं प्रख्यात जैन संत आदित्य सागर महाराज, नए साल में 3 जनवरी को एक दिन के लिए अजमेर आगमन होगा युवाओं को जीवन मंत्र? आदित्य सागर बोले- नकारात्मकता को कहें ॐ इग्नोराय नमः’किशनगढ़ 

मुनि आदित्य सागर महाराज का कहना है कि आज तनावका सबसे बड़ा कारण व्यक्ति मैं दिखावा करने की आदत है। जीवन में सुख शांति से बड़ी कोई सफलता नहीं।

 

 

 

 

 युवा पैसे और पद के लिए खुद कोइतना खपा देते हैं कि न वे अपने लिए जी पाते हैं और न ही परिवार को वक्त देते हैं, मुनिश्री आदित्य सागर महाराज किशनगढ़ में विराजित है।  और नए साल में 3जनवरी को एक दिन के लिए अजमेर आएंगे। 

 

दैनिक भास्कर ने उनका विशेष साक्षात्कार लिया। अंश मुनिश्री की सीख: 

युवाओं की पहली इच्छा कॅरियर और व्यापार से जुड़ी होनी चाहिए, धर्म में कहरता उतनी ही हो, जिससे वैमनस्य न फैले

Q. आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग ‘सफल’ तो हो रहे है, लेकिन ‘शांत’ नहीं हैं। आपके अनुसारअसली सफलता की परिभाषा क्या है?

A. सफलता का अर्थ सुकून है। जहां सुकून है,कहीं सफलता है। जीवन और मृत्यु के बीच जो शांति है, यह लोग खो चुके हैं। सुख-शांतिऔर अपनों का साथ ही वास्तविक सफलता। है धन, पद या संपत्ति सफलता की असलीपरिभाषा नहीं है।

Q. आप युवाओं से अवसर कहते हैं कि कम इच्छाएं.ज्यादा आजादी क्या सच में इच्छाओं को कमकरके जीवन बेहतर बनाया जा सकता है?

A. बिल्कुल बनाया जा सकता है। युवाओं की पहली इच्छा कॅरियर और व्यापार से जुड़ी होनी चाहिए। बिना काम और उपयोग की इच्छाएं समय के साथ बोझ बन जाती हैं।

Q. आज रिश्तों में असहिष्णुता बढ़ी है, छोटी-छोटी बातों पर टूटन हो रही है। जैन दर्शन इसे कैसे रोक सकता है?

A.पहले लोग 7-7 दिन तक चिट्ठी का इंतजार करते थे, अब एक फोन कॉल नहीं उठाने पर नाराज हो जाते हैं। साफ है कि लोगों में धैर्य नहीं रहा। इसका एक बड़ा कारण खान-पान भी है।भोजन में मांस, चर्बी और अंडे शामिल हो गए हैं जो जीव तड़पकर मेरे हों, उनका भोजनआपको शांति कैसे देगा ?

 

 

 

Q. आज का युवा प्रश्न करता है, तर्क करता हैऔर हर बात को चुनौती देता है क्या धर्म प्रश्नों से डरता है?

A.जो प्रश्नों से डरता है, वह अधूरा है, जबकि धर्म पूर्ण है। जैन दर्शन वीतराग विज्ञान है। प्रभु ने जो देखा, वही बताया। धर्म तर्क और प्रश्नों से नहीं डरता। विज्ञान कहता है कि इतना खोजा है, आगे खोजना बाकी है, जबकि धर्म पूर्ण है।

Q. आप साधु जीवन में रहते हुए भी कॉर्पोरेटप्रोफेशनल्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और अफसरों से संवाद करते हैं। उन्हें पहली सलाह क्या देते हैं?

A. पहली सलाह खुद की और आइए। हाल ही मेंउपमुख्यमंत्री दिया कुमारी आई थीं, मैंने उनसे कहा—यहां के पाँच मिनट कम कर दीजिए, लेकिन वह पांच मिनट परिवार को दीजिए। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया। मेरी सभी से यही सलाह है कि पैसों के लिए खुद को मतबेचिए। पहले इज्जत कमाइए, फिर पैसा ।

 

 

Q. आज के समय में अहिंसा का सही अर्थ क्या है?

A. अहिंसा दो प्रकार की होती है- पहली भाव से और दूसरी कर्म से जैसे आप अपने आप से प्रेम करते हैं, वैसे ही दूसरों से भी करें। समाज में दूसरों को जीने का अवसर देना ही अहिंसा है।

 

Q. समाज में गुस्सा, तनाव और अवसाद बढ़ रहा है। क्या इसके पीछे भोगवादी सोच है?

A. बेवजह दिखावा करना और दूसरों को नीचा दिखाना तनाव का बड़ा कारण है। मैं स्ट्रेस मैनेजमेंट पर पांच भागों में पुस्तक लिख रहा हूं। दिखावे से जितना दूर रहेंगे, तनाव उतना ही दूर रहेगा। छोटी-छोटी दिखावे की आदत एक दिन। व्यक्ति का सम्मान खत्म कर देती है।Q. मन हल्का होगा तो जीवन अपने आप ठीक होगा

मन को हल्का कैसे रखें?

A. खुद को खाली कीजिए। किसी ने कुछ कहा तो मन में मत रखिए। मन हल्का करने के लिए टीवी या फिल्म न देखे जिसने आपको परेशान किया है, उसके बारे में बिना नाम लिखे कागज पर लिखें। मन भर जाए तो उस पन्ने को जला दें। केवल अच्छा सुनें, अच्छा बोलें और अच्छा ही देखें।

धर्म में कट्टरता और उपेक्षा- इन दोनों अतियों केबीच संत समाज की भूमिका क्या होनी चाहिए?

A. धर्म में कट्टरता और रूढ़ियां उतनी ही हों, जिससे वैमनस्य न फैले संत समाज को अपने। विचार और तरीके ऐसे रखने चाहिए, जिनमें। सभी का सम्मान हो।।

 

Q. युवाओं को एक वाक्य में जीवन मंत्र देना हो तो

A. ॐ इग्नोराय नमः” नकारात्मकता से दूर रहिए।छोटी-छोटी बातों पर आत्महत्या या हताशा समाधान नहीं है। जीवन एक सुंदर किताब है; एक पन्ना गलत लिख जाने से प पूरीकिताब नष्ट मत कीजिए। जहां अच्छा न लगे,उसे इग्नोर कीजिए घोर इग्नोर, और अंत में डिलीट कर दीजिए।

          संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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