सर्व मनोरथ पूर्ण करता है “अपराजित महामंत्र” विज्ञमति माताजी
एटा
आध्यात्म विशुद्ध वर्षायोग समिति द्वारा आयोजित णमोकार महामंत्र अनुष्ठान में पुरानी बस्ती स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्री दिगंबर जैन महिला मंडल द्वारा हर्षोल्लास पूर्वक भक्ति भाव से मंदिर जी पहुंचकर गुरु मां को अर्घ समर्पित किया एवं सुंदर नृत्य की प्रस्तुति की गई कार्यक्रम का नेतृत्व अध्यक्षा श्रीमती रजनी जैन ने किया,
उससे पूर्व भारत गौरव सिद्धांत रत्न आर्यिका श्री विशुद्धमती माताजी के मुखारविंद से शांति धारा संपन्न हुई,प्रज्ञा पद्मिनी पट्ट गणिनी आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी ने श्रावकों को लेश्याओं के बारे में बताते हुए कहा कि कषाय और योग से अनुरंजित
आत्मा के परिणामों को लेश्या कहते हैं, णमोकार महामंत्र में पांच परमेष्ठियों के लेश्याओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा की अरिहंत भगवान को परम शुक्ल लेश्या होती है सिद्ध परमेष्ठी लेश्या रहित होते हैं आचार्य, उपाध्याय , एवं साधुओं को पीत, पद्म, शुक्ल रूप तीन शुभ लेश्या होती है सामान्यत: लेश्यायें छः होती है जिसमें क्रमशः कृष्ण, नील ,कापोत,पीत,पद्म और शुक्ल लेश्या यह 6 भेद होते हैं! आज का मनुष्य तीन अशुभ लेश्याओं में लिप्त है, कृष्ण, नील और कापोत जिसमें दूसरे से ईर्ष्या, बैर, दया से रहित, प्रमादी, अहंकारी, हमेशा पर निंदा स्व प्रशंसा का भाव, धर्मात्मा की निंदा करना, आकुल व्याकुल, व्यसनी ,मायाचारी इन सबमें रमा हुआ है इन्हीं में सुख मान रहा है,पर असली सुख तो अपने भीतर है अपनी आत्मा में है!
शाम को जिनेंद्र प्रभु की मंगल आरती, गुरु मां की आरती और गुरु भक्ति की गई!
इस अवसर पर श्रीमान पवन जैन कलेक्ट्रेट, प्रेमचंद जैन,नरेंद्र जैन, अरुण जैन अंशुल जैन, अमित जैन ,अजय जैन, बंटी
पॉपुलर ,अंकित जैन, महेंद्र जैन, श्रीमती रजनी जैन, सरोज जैन, सुनीता जैन, बबिता जैन,विनोद प्रभा जैन, साधना जैन, सुषमा जैन, कुसुम जैन ,शशि जैन ,गुड्डी जैन, मंजू जैन, शिवा जैन, चिंकी जैन, कांता जैन ,नीरेश जैन, रीना जैन, समता जैन, इंदिरा
जैन, ललिता जैन ,ज्योति जैन विमलेश जैन,चीना जैन रिंकी
जैन, रश्मि जैन, सोनिया जैन, सहित अनेकों श्रद्धालुओं ने णमोकार मंत्र अनुष्ठान में सम्मिलित होकर पुण्यार्जन किया!
बबिता जैन एटा से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
